नई दिल्ली: केंद्र सरकार में कार्यरत लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों की उम्मीदें अब साकार होने की कगार पर हैं। आठवें वेतन आयोग के गठन पर चर्चा अब जोर पकड़ चुकी है और विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार अप्रैल 2025 में ही इस संबंध में औपचारिक घोषणा कर सकती है।
अगर सरकार इस साल आयोग का गठन करती है तो इसकी सिफारिशें 2026 या 2027 से लागू होने की संभावना है। हालांकि, इस संशोधित वेतन अवधारणा के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के मासिक वेतन में 14,000 से 19,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वेतन में बढ़ोतरी होने पर पेंशनभोगियों के हक में भी बढ़ोतरी होगी।
मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों का औसत मासिक वेतन करीब 1 लाख रुपये है। अगर सरकार आगामी बजट में 1.75 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान करती है तो वेतन में कम से कम 14,600 रुपये की बढ़ोतरी होगी। अगर 2 लाख करोड़ रुपये का बजट होता है तो यह बढ़ोतरी 16,600 रुपये तक हो सकती है। इस आयोग का सीधा लाभ 50 लाख से ज्यादा मौजूदा कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा। गौरतलब है कि पिछले सातवें वेतन आयोग के दौरान सरकार ने 1.02 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे।
इस वेतन वृद्धि में सबसे महत्वपूर्ण कारक ‘फिटमेंट फैक्टर’ है। सातवें आयोग में यह 2.57 था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर सीधे 18,000 रुपये हो गया था। अब अगर इसी राशि में बढ़ोतरी की जाए तो न्यूनतम वेतन 46,260 रुपये हो जाएगा और पेंशन 23,130 रुपये होने की संभावना है।