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Why are Bhagalpur’s Jardalu Mangoes presented to the President of India almost every year

Why are Bhagalpur's Jardalu Mangoes presented to the President of India almost every year

भगालपुर के जार्डालू आम: हर साल राष्ट्रपति को भेंट का कारण क्या?

भगालपुर के जार्डालू आम, भारत के मुख्य अतिथि को हर वर्ष उपहार में क्यों दिए जाते हैं? इस पारंपरिक फल की कहानी, उत्पादन प्रक्रिया और राजनीतिक महत्व को जानते हैं।

भगालपुर के जार्डालू आम हर वर्ष राष्ट्रपति और अन्य वीवीआईपी को उपहार के रूप में भेजे जाते हैं। यह प्रथा क्यों? इसका कारण है इस फल की विशिष्ट सुगंध और गो-इंडो टैग।

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भगालपुर के जार्डालू आम राष्ट्रपति को उपहार क्यों?

भगालपुर के जार्डालू आम, जो बिहार के भगालपुर जिले में उगता है, हर वर्ष राष्ट्रपति और अन्य प्रमुख अतिथियों को उपहार के रूप में भेजे जाते हैं। यह भांगलपुर के किसानों के लिए गर्व का विषय है क्योंकि यह फल न केवल भारत के घरेलू बाजार में मांग में है, बल्कि इसे जीआई (Geographical Indication) टैग भी मिला हुआ है।

उत्पादन और वितरण प्रक्रिया

फसल के जूस से 125 क्विंटलाह अधिक जार्डालू आम ताज़ा कटाई के बाद धोकर, मधुबन फार्म, जो महेशी-तिलकपुर गाँव, सुल्तानगंज ब्लॉक में स्थित है, में प्लास्टिक बॉक्स में पैक किये जाते हैं। कृषि विभाग के अधिकारी इस प्रक्रिया की निगरानी करते हैं। इसके बाद, आमों को बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीआईएडा) के सुविधा स्थल, सियकंदरपुर, बिध्ता के पास भेजा जाता है। यहां, आमों की छंटाई, ग्रेडिंग और 5-6 किलोग्राम के गिफ्ट बॉक्स में पैकिंग की जाती है।

इन गिफ्ट पैक्स को फिर बिध्या भवन, दिल्ली में भेजा जाता है, जहाँ राज्य सरकार की ओर से उन्हें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोक सभा स्पीकर, राज्यसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी को वितरित किया जाता है।

जीआई टैग का महत्व

जार्डालू आम को 28 मार्च 2018 को जीआई टैग मिला। इस टैग ने फल के विशिष्ट सुगंध, हल्के पीले रंग, रसदार पल्प और मीठे-खट्टे फ्लेवर को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी। जीआई टॅग किसानों को उनके उत्पादन के लिए बेहतर मूल्य व प्रबंधन का अवसर देता है।

प्रसिद्धि का नया इज़हार

महीने के कार्यक्रम “मैन की बात” में प्रधानमंत्री ने 1 जून को जार्डालू आम की प्रशंसा की, जिसमें उन्होंने फल की “विशिष्ट सुगंध” और “मीठे-खट्टे” स्वाद की बात कही। उन्होंने इसे “स्थानीय उत्पादों की सफलता का उदाहरण” कहा, जो वैश्विक बाजारों में पहुँच गया है और भारत की बढ़ती आम अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।

राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव

इस उपहार की परंपरा से भगालपुर के किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। इसके अलावा, यह बिहार सरकार को अपने कृषिगत उत्पादों के प्रचार-प्रसार का एक मंच देता है। 2026 तक, जार्डालू आम का उत्पादन 125 क्विंटलाह से अधिक रहा है, जो राज्य की कृषि आय में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

भविष्य की दिशा

बिहार सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि जार्डालू आम की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता बनी रहे। योजनाओं में उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और विपणन के नए चैनलों की स्थापना शामिल है। इससे भविष्य में अधिक किसानों को आर्थिक लाभ और राष्ट्रीय पहचान प्राप्त हो सकती है।

जैसे-जैसे भगालपुर के जार्डालू आम की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, यह स्पष्ट है कि यह फल न केवल स्वादिष्टता का प्रतीक है, बल्कि बिहार के कृषि उद्योग की एक सफलता कहानी भी है। राष्ट्रपति को हर वर्ष मिलने वाला यह उपहार, किसानों, सरकार और देश की कृषिगत पहचान को एकजुट करता है।

Source: https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/food-news/why-are-bhagalpurs-jardalu-mangoes-presented-to-the-president-of-india-almost-every-year/articleshow/131744543.cms

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