BSEB Bihar Board Matric Exam 2024: 10वीं परीक्षा के पहले दिन पूछे गए थे स्वामी विवेकानंद की जीवनी से जुड़े प्रश्न, पढ़ें एनालिसिस

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BSEB Bihar Board Matric Exam 2024: बीएसईबी मैट्रिक परीक्षा 2024 के पहले दिन उन छात्रों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जो जूता-मोजा पहनकर पहुंचे थे। प्रवेश लेने के लिए छात्रों को परीक्षा केंद्र के बाहर जूते उतार

BSEB Bihar Board Matric Exam 2024: बीएसईबी मैट्रिक परीक्षा 2024 आधिकारिक तौर पर 15 फरवरी से शुरू हुई थी। परीक्षा पहले दिन, राज्य में छात्रों ने 1,585 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में मातृभाषा विषयों (हिंदी, बांग्ला, उर्दू और मैथिली) की परीक्षा दी। वहीं बिहार के पूर्णिया जिले में मैट्रिक की थ्योरीविषयों की परीक्षा सभी 45 परीक्षा केंद्रोंपर शांतिपूर्ण समाप्त हुई। पहले दिन की परीक्षा में किसी भी परीक्षा केंद्र पर कदाचार के आरोप में परीक्षा से निष्कासन नहीं हुआ। सभी 45 परीक्षा केंद्रों पर कुल 748 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहले पाली में 19377 और दूसरी पाली में 17710 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। पहले दिन की परीक्षा के दरम्यान सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा प्रतिनियुक्त सभी केन्द्राधीक्षक, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों तथा संबंधित पदाधिकारी दिशानिर्देश के आलोक में शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त माहौल में परीक्षा सम्पन्न कराने की दिशा में सजग दिखे।

परीक्षा केंद्रों के अंदर किसी भी परीक्षार्थी को जूता मौजा पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। जूता पहनकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के बाहर जूते उतारने पड़े। प्रवेश द्वार पर एडमिट कार्ड के साथ तलाशी ली गई। जिसके बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति मिली। वहीं परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन के द्वारा परीक्षा केंद्र के 500 मीटर की दूरी पर धारा 144 लागू रहा। इसके बाद भी परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भीड़ दोनों पालियों में जमी रही। परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रथम पाली में 9 बजे पूर्वाह्न तक तथा द्वितीय पाली में 1 बजकर 30 मिनट अपराह्न तक परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति मिली।

दोनों पाली में हुई मातृभाषा की परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से परीक्षार्थियों के चेहरे पर आई मुस्कान

मैट्रिक की परीक्षा में पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा विषय की परीक्षा हुई। दोनों में पालियों में मातृभाषा में शामिल हिन्दी, बंगला, उर्दू व मैथिली विषय की परीक्षा हुई। परीक्षा में पहले दिन परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षार्थियों को मिले प्रश्न से परीक्षार्थी खुश नजर आए। परीक्षा केंद्रों के बाहर आते ही परीक्षार्थियों ने परिजनों के समक्ष खुशी का इजहार किया और अच्छे अंक हासिल कर लेने का उत्साह भी दिखाया। पूर्णिया महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर पहली पाली में बाहर निकले राहुल कुमार ने बताया कि परीक्षा में लघु, दीर्घ और वस्तुनिष्ठ आसान सवाल पूछे गये थे। अधिकांश सिलेबस के अंदर के सवाल पूछे गए थे।

कुछ प्रश्न आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम से भी जुड़े हुए थे। पहली पाली में स्वामी विवेकानंद की जीवनी से जुड़े सवाल पूछे गए थे। स्कूल के प्रिंसिपल के पास एक आवेदन लिखने के लिए कहा गया था, जिसमें विद्यालय की साफ-सफाई करवाने का निवेदन किया गया हो। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम के महत्व के बारे में दो छात्रों के बीच हुए संवाद को लिखने के लिए कहा गया था। पंडित बिरजू महराज कानपूर में कितने साल रहे। एक गद्यांश को पढ़कर उससे जुड़े प्रश्नों का उत्तर देना था, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप के साथ ऋषि-मुनियों की अर्चना का जिक्र किया गया है। वाक्यों की शुद्धि और अशुद्धि से जुड़े प्रश्न किए गए थे।

दूसरी पाली में महिला कॉलेज से परीक्षा देकर निकले आलोक कुमार ने बताया कि प्रश्न कठिन नहीं थे। 100 अंकों के प्रश्नपत्र में सिलेबस से ही सवाल पूछे गए थे। दूसरी पाली में हिन्दी के प्रश्नों में सीता छत से कूद गयी इसमें किस कारक का उदाहरण है, पूछा गया था। चार शुद्ध व अशुद्ध शब्द में शुद्ध व अशुद्ध् शब्द चुनना था। गुप्त शब्द का विलोम शब्द क्या है। शहर अब भी संभावना है किसी कृति है।

बता दें, बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) कक्षा 10वीं या मैट्रिक फाइनल परीक्षाओं के दूसरे दिन की शुरुआत सुबह 9.30 बजे से हो चुकी है। आज गणित का पेपर दोनों पालियों में आयोजित किया जा रहा है।

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