Home Bihar News पेंशनभोगी कर्मचारियों ने वैधता वित्त अधिनियम को वापस लेने की मांग की

पेंशनभोगी कर्मचारियों ने वैधता वित्त अधिनियम को वापस लेने की मांग की

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पेंशनभोगी कर्मचारियों ने वैधता वित्त अधिनियम को वापस लेने की मांग की है, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके। यह मांग 26 मार्च 2026 को पटना में आयोजित एक सभा में रखी गई, जिसमें करीब 500 पेंशनभोगी कर्मचारियों ने भाग लिया था।

सभा में आए पेंशनभोगी कर्मचारियों ने कहा कि वैधता वित्त अधिनियम के कारण उनके भविष्य को खतरा है, जिससे उनकी पेंशन और अन्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार इस अधिनियम को वापस ले और उनके हितों की रक्षा करे।

पेंशनभोगी कर्मचारियों की मांगें

पेंशनभोगी कर्मचारियों ने वैधता वित्त अधिनियम को वापस लेने की मांग के अलावा कई अन्य मांगें भी रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार उनकी पेंशन को बढ़ाए और उनके स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए।

उन्होंने यह भी मांग की है कि सरकार उनके परिवार के सदस्यों को भी रोजगार के अवसर प्रदान करे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया

सरकार ने पेंशनभोगी कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है। पटना के जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार पेंशनभोगी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी मांगों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार पेंशनभोगी कर्मचारियों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने पेंशनभोगी कर्मचारियों से शांति बनाए रखने और आंदोलन नहीं करने का आग्रह किया।

पेंशनभोगी कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। अगर सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिससे राज्य की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी पेंशनभोगी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पेंशनभोगी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और उन्हें उनके अधिकार दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।

करियर समाचार में पढ़ें पेंशनभोगी कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

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