पुलिस में शिकायत कैसे दर्ज करें: चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका
पुलिस में शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और आम प्रश्नों के उत्तर जानें। 27 अप्रैल 2026 के अनुसार नवीनतम अपडेट।
आपके पास पुलिस में शिकायत करने का सही अधिकार है। यह लेख आपको बताएगा कि कैसे ऑनलाइन या ऑफ़लाइन शिकायत दर्ज करें, कौन से दस्तावेज़ चाहिए और प्रक्रिया के दौरान कौन से प्रमुख चरण हैं।
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पुलिस में शिकायत कैसे दर्ज करें: चरण‑दर‑चरण मार्गदर्शिका
पुलिस शिकायत एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से किसी भी प्रकार के अपराध या उल्लंघन के बारे में साक्षी और पीड़ित खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। यदि आप किसी अपराध से प्रभावित हैं या किसी अवैध कार्य की सूचना देना चाहते हैं, तो यह लेख आपको प्रक्रिया के हर चरण से परिचित कराता है।
पोलिस शिकायत का महत्व और कानूनी आधार
भारत में पुलिस शिकायत वह पहला कदम है जिसके बाद अपराध की जांच शुरू होती है। 2014 के NEP (नोटिफ़िकेशन एंड एक्शन) के तहत, हर पंजीकृत शिकायत पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की वचनबद्धता है। शिकायत जमा करने से न केवल आप अपराधी पर कानूनी दबाव डालते हैं, बल्कि पुलिस को फाइल बनाने और साक्ष्य संकलित करने की सशक्त शक्ति भी मिलती है।
डॉक्युमेंट्स और साक्ष्य तैयार करना
शिकायत दर्ज करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखें, जिससे प्रक्रिया तेज़ और प्रभावी हो:
- पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, या मतदाता पहचान पत्र।
- पते का प्रमाण: पिछले तीन महीनों का बिजली बिल, मोबाइल बिल या बैंक स्टेटमेंट।
- घटना विवरण: घटना के दिनांक, समय, स्थान, और संदिग्ध का विवरण।
- साक्षात्कार व साक्ष्य: यदि संभव हो तो पीड़ित के साथी द्वारा लिखी गई रिपोर्ट, फोटो या वीडियो।
- पुलिस स्टेशन (PS) के नाम की सूचना: घटना से सम्बंधित पुलिस स्टेशन का नाम और पता।
कदम 1: ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण (पोलिस पोर्टल)
भारत सरकार का पोलिस पोर्टल (PolicePortal.gov.in) नागरिकों को 24×7 शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है। नीचे चरण-दर-चरण निर्देश हैं:
- साइट पर जाएँ और “शिकायत दर्ज करें” पर क्लिक करें।
- आपका राज्य चुनें (उदाहरण: बिहार)।
- घटना का प्रकार चुनें – जैसे “धोखाधड़ी”, “दहशतवाद”, “हस्तक्षेप” आदि।
- घटना के विवरण (दिनांक, समय, स्थान) भरें।
- साक्ष्य फ़ाइलें अपलोड करें (जैसे फोटो, वीडियो) – अधिकतम 5 MB।
- सभी फॉर्म भरने के बाद “सबमिट” पर क्लिक करें।
- आपको एक संदर्भ संख्या (जैसे CRS00123) प्राप्त होगी, जिसे फ़ॉलो‑अप के लिए याद रखें।
कदम 2: ऑफ़लाइन शिकायत पंजीकरण – नज़दीकी पुलिस स्टेशन
यदि ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है या आप व्यक्तिगत रूप से फ़ार्म भरना पसंद करते हैं, तो नज़दीकी पुलिस स्टेशन जाएँ। शिस्तबद्ध कदम:
- चेक लिया हुआ फॉर्म (प्रपत्र संख्या RPF-12) पाओ।
- अपना आधार या पैन कार्ड दिखाकर पहचान सत्यापित कराओ।
- पीड़ित या साक्षी के रूप में फ़ार्म भरकर सबमिट करो।
- पुलिस स्टैंड को पंजीकृत शिकायत की एक प्रति और पर्ची दें।
- धीरे-धीरे संबंधित प्रपत्र ऑनलाइन भी भेज सकते हैं, यदि आवश्यक हो।
कदम 3: पुलिस केस फाइलिंग और फ़ॉलो‑अप
शिकायत जमा करने के बाद पुलिस एक केस फाइल खोलती है। इस चरण में आपको निम्नलिखित पर नजर रखनी चाहिए:
- कस्टम केस नंबर: दी गई पर्ची पर या इलेक्ट्रॉनिक प्रपत्र पर दिया गया नंबर।
- जाँच की प्रगति: पुलिस विभाग के वेबसाइट पर रिपोर्ट जांच के दिनांक और अपडेट देख सकते हैं।
- न्यायिक प्रक्रियाएँ: यदि अपराध गंभीर है तो जाँच के बाद पी.एस. या कोर्ट में केस भेजा जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
• क्या शिकायत दर्ज करते समय पुलिस के सामने साक्ष्य होना ज़रूरी है? छोटी साक्षी रिपोर्ट पर्याप्त है, लेकिन वीडियो या दस्तावेज़ मददगार हो सकते हैं।
• क्या शिकायत अंकल करना ज़रूरी है? अंशतः, देखिए कि रिपोर्ट में प्रामाणिकता के लिए हस्ताक्षर आवश्यक है।
• किस समय के भीतर शिकायत दर्ज करनी होती है? अपराध के तुरंत बाद, 72 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करना सर्वाधिक नियमावली के अनुरूप है।
उपयोगी सलाह और टिप्स
- शिकायत करते समय रोबोटिक न बोलें; सटीक व स्पष्ट बातें कहें।
- किसी भी अपराध के लिए तुरंत फ़ोन नंबर 100 या 112 पर भी सहायता ले सकते हैं।
- नियमित रूप से अपनी शिकायत का फ़ॉलो‑अप करें, खासकर यदि जाँच में 14 दिन से अधिक समय लग रहा हो।
बीते हुए 27 अप्रैल 2026 तक, इस लेख से आप पुलिस शिकायत की पूरी प्रक्रिया को जानते हैं। अब आपके पास यह ज्ञान है कि कैसे आप कानूनी प्लेटफ़ॉर्म का सही उपयोग करके अपनी समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। शांति और न्याय के लिए आज ही शिकायत करें।







