पीठिका उच्च न्यायालय में सात नए न्यायाधीशों ने शपथ ली, साथ ही नया प्रमुख न्यायाधीश नियुक्त
सात नए न्यायाधीशों की शपथ व नई प्रमुख न्यायाधीश की नियुक्ति से प्रभावित होने वाले न्यायिक कार्यवाही और आगामी मामलों पर चर्चा।
पाटना उच्च न्यायालय ने 15 जून को सात नव नियुक्त न्यायाधीशों को शपथ ग्रहण कराई।
साथ ही, मुख्य न्यायाधीश बनकर मीना-सी मादन राय को नियुक्त किया गया।
पाटना उच्च न्यायालय, नव नियुक्त न्यायाधीश, मीना-सी मादन राय, न्यायिक शपथ, बिहार न्यायपालिका, उच्च न्यायालय निर्णय, कानूनी समाचार
15 जून 2026 को पाटना उच्च न्यायालय की अदालत में सात नए न्यायाधीशों ने शपथ ग्रहण की, जबकि प्रमुख न्यायाधीश के पद पर मीना-सी मादन राय को नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति केंद्रीय सरकार द्वारा 10 जून के नोटिफिकेशन में घोषित की गई थी।
शपथ ग्रहण की सत्र में मुख्य न्यायाधीश ने नए नियुक्तियों को न्याय का पालन करने के लिए प्रेरित किया। नए न्यायाधीशों में श्री रंजन कुमार झा, श्री कुमार मानिश और श्री रज कुमार को पाटना उच्च न्यायालय के पूर्णकालिक न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त श्री राणा विक्रम सिंह, श्री विकाश कुमार, श्री गिरीजिश कुमार और श्री अलोक कुमार को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया।
ये नियुक्तियाँ केंद्रीय न्यायपालिका के नियमों के अनुसार की गई हैं, जिनका उद्देश्य न्यायिक प्रणाली को सुदृढ़ करना और बढ़ते मामले के बोझ को कम करना है। नए न्यायाधीशों की शपथ देने के बाद, उन्होंने अपनी-अपनी अदालतों में कार्यभार संभालना शुरू कर दिया।
इस बीच, पाटना उच्च न्यायालय ने एक अलग मामले में 319 अपराध प्रक्रिया संहिता (CrPC) के तहत एक पुरुष को ट्रायल के लिए बुलाने वाले आदेश को रद्द कर दिया। न्यायाधीश अनसुल के एकल न्यायधीश बेंच ने यह निर्णय लिया कि यह प्रक्रिया “अनुचित इरादे से कई स्तरों पर” चलाई गई थी और ट्रायल कोर्ट द्वारा भरोसेमंद सबूत “अत्यंत अपर्याप्त” थे। इस फैसले के अनुसार, उस पुरुष को अब साक्षात्कार के लिए समन भेजने का आदेश अमान्य माना गया।
पाटना उच्च न्यायालय में फास्ट ट्रैक सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के ब्लैकलिस्टिंग आदेश को बरकरार रखा। इस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि राज्य और उसकी संस्था बिना स्पष्ट अनुबंधीय प्रावधान के कॉन्ट्रैक्टर को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट करने का अंतर्निहित कार्यकारी अधिकार रखती है। इस आदेश के तहत, ठेकेदार के पावर सबस्टेशन निर्माण के अनुबंध समाप्त कर दिए गए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में, पाटना उच्च न्यायालय ने एक स्वचालित ई-नीलामी विंडो के दौरान जमा की गई बिड को स्वीकार किया। न्यायालय ने पाया कि विस्तार का तंत्र समान और सिस्टम-चालित था, जिससे कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं हुआ। इस निर्णय के माध्यम से, न्यायालय ने विवादित रेत घाट की नीलामी प्रक्रिया को वैध घोषित किया।
इसके अलावा, पाटना उच्च न्यायालय ने फेलोशिप और शिक्षण कार्यवाही में शिक्षाविद् और यूट्यूबर क़ैसिर फैसल खान की ओर से दायर याचिका पर एक निर्णय लिया। खान सिर ने पुलिस द्वारा उनके कोचिंग संस्थान से जुड़ी घटना के बाद दर्ज फौजी तौर पर FIR को रद्द करने और अपने संस्थान को फिर से खोलने के आदेश की मांग की। न्यायालय ने अभी तक इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं सुनाया है, लेकिन यह मामला शिक्षा क्षेत्र में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
मुख्य न्यायाधीश मीना-सी मादन राय की शपथ 5 जून 2026 को ली गई, जब उन्हें पाटना उच्च न्यायालय के प्रमुख न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की सूचना केंद्रीय सरकार द्वारा जारी की गई। शपथ के दौरान गवर्नर Lt Gen Syed Ata Hasnain (Retd.) ने शपथ ली, और यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम के निर्णय के पश्चात हुई, जिसमें उन्होंने सikkim High Court के न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवा समाप्त की।
इन सभी निर्णयों और नियुक्तियों के कारण पाटना उच्च न्यायालय की कार्यवाही में नयी ऊर्जावान आशा और साक्षरता की दिशा में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। न्यायपालिका के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि उच्च न्यायालय अपने न्यायिक कर्तव्यों को निभाने के लिए सदैव तैयार है और न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है।
Source: https://www.livelaw.in/high-court/patna-high-court

















