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GST रजिट्रेशन कराना हुआ आसान, कारोबारियों के लिए शुरू हुई ये नई सर्विस

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GST रजिट्रेशन कराना हुआ आसान, कारोबारियों के लिए शुरू हुई ये नई सर्विस
GST रजिट्रेशन कराना हुआ आसान, कारोबारियों के लिए शुरू हुई ये नई सर्विस

बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिर्फ उसी राज्य में ही होता था, जहां आप अपना जीएसटी रजिस्टर कर रहे हैं। हालांकि, अब बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन प्रोसेस उस राज्य के बजाय अपने गृह राज्य में ही पूरी की जा सकती है, जहां जीएसटी रजिस्ट्रेशन की मांग की जा रही है।

गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क (GSTN) ने उद्यमियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिस्टम में सुधार किया है। अब किसी कंपनी के प्रोमोटर और डायरेक्टर अपने गृह राज्य में ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को पूरा करने के लिए अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकते हैं। इससे पहले जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने के लिए या तो ओटीपी वेरिफिकेशन प्रोसेस की जरूरत होती थी या फिर कंपनी के रजिस्टर्ड अधिकार क्षेत्र में जीएसटी सुविधा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराना होता था।

अब अपने होम स्टेट में भी हो जाएगा बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन

बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिर्फ उसी राज्य में ही होता था, जहां आप अपना जीएसटी रजिस्टर कर रहे हैं। हालांकि, अब बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन प्रोसेस उस राज्य के बजाय अपने गृह राज्य में ही पूरी की जा सकती है, जहां जीएसटी रजिस्ट्रेशन की मांग की जा रही है।

उदाहरण के लिए, अगर आपकी कंपनी दिल्ली में रजिस्टर हो रही है और आप महाराष्ट्र से हैं, तो आपको दिल्ली जाकर जीएसटी रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। GSTN द्वारा 3 मार्च, 2025 को किए गए इस अपडेट के साथ अब आप दिल्ली आए बिना महाराष्ट्र से ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं।

फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम कसने के लिए हुई थी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की शुरुआत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने के लिए फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम लगाने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की शुरुआत की गई थी। बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का ऑप्शन चुनने से टैक्सपेयर्स को कंपनी के अधिकारियों के फिजिकल वेरिफिकेशन के बारे में अलग से सबूत मिलते हैं जो जरूरत पड़ने पर अदालत में मामले को मजबूत बना सकते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले सभी लोगों को हमेशा बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का ही ऑप्शन चुनना चाहिए क्योंकि ये जीएसटी रजिस्ट्रेशन में सुरक्षा और वास्तविकता की एक एक्स्ट्रा लेयर जोड़ता है। पहले जब बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ऑप्शन उपलब्ध नहीं था तो कई फर्जी रजिस्ट्रेशन और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दुरुपयोग हुआ था।

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