Old Pension Scheme: पुरानी पेंशन योजना को दोबारा से लागू करने की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार के एक प्रमुख अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में पुरानी पेंशन योजना को लेकर तस्वीर साफ कर दी है. उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को लागू करना वित्तीय रूप से मुमकिन नहीं है.
‘पुरानी पेंशन व्यवस्था लाना नुकसानदेह’
वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था लाना उनके लिए नुकसानदेह होगा, जो सरकारी नौकरी में नहीं हैं. नई पेंशन प्रणाली (NPS) को लेकर कर्मचारी संगठनों और राज्य सरकारों से कुछ सार्थक बातचीत हुई है.
NPS को लेकर कर्मचारियों में कुछ चिंताएं
सोमनाथन ने कहा, एनपीएस पर बनी समिति का काम अभी पूरा नहीं हुआ है. हमने इस बारे में कर्मचारी संगठनों और राज्य सरकारों से बातचीत की है. इसमें कुछ प्रगति हुई है. कर्मचारियों की कुछ चिंताएं हैं.
1. कर्मचारियों का कहना है कि यह नई योजना है. एनपीएस शेयर बाजार से जुड़ा है, हमें उतार-चढ़ाव नहीं चाहिए. उनका कहना है कि यह स्पष्ट हो कि कितनी पेंशन मिलेगी.
2. कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद जो भी पेंशन मिले उसमें महंगाई से निपटने का भी कुछ प्रावधान यानी महंगाई भत्ता (DA) जैसी कोई व्यवस्था चाहिए. ऐसा नहीं होने पर पेंशन का वास्तविक मूल्य घटता जाएगा.
3. अगर किसी ने पूरी नौकरी यानी 30 साल तक काम नहीं किया है, उसके लिए कुछ न्यूनतम पेंशन तय की जाए. ये ऐसे मामले हैं, जिस पर हमें निर्णय लेना है.
बता दें कि वित्त मंत्रालय ने पिछले साल सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना की समीक्षा करने और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में जरूरत के हिसाब से बदलाव का सुझाव देने के लिए वित्त सचिव की अगुवाई में एक समिति का गठन किया था.
आईटीआई को आधुनिक रूप देगी सरकार
उन्होंने कहा कि सरकार देश में युवाओं को रोजगार के काबिल बनाने के मकसद से उन्हें कंपनियों में प्रशिक्षण देने की सुविधा के अलावा 1 हजार आईटीआई संस्थानों को आधुनिक रूप भी देगी. उद्योग में जो आधुनिक मशीनरी, कामकाज का तरीका है उसे आईटीआई में शामिल किया जाएगा. अच्छे प्रशिक्षकों को भी जोड़ा जाएगा. इसका मकसद बेहतर प्रशिक्षण देना है.