बिहार में आंधी‑बारिश का डबल अलर्ट: 24 जिलों में 60 किमी/घंटा हवाओं की संभावनाएं, मानसून में नया अपडेट
बिहार के 24 जिलों में इमीडी ने आंधी‑बारिश और तेज हवाओं के लिए ऑरेंज एवं येलो अलर्ट जारी किया। अगले दो दिनों में 60 किमी/घंटा तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और तूफ़ान की संभावना, विस्तृत सूची और प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी।
इंडियन मीटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने बिहार के 24 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर आंधी‑बारिश, तेज़ हवाओं और वज्रपात की चेतावनी दी है। अगले 96 घंटे में यह मौसमी स्थिति जारी रहेगी, जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जून 2026 को बिहार के 24 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं, जिसमें तेज़ हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस अलर्ट में आंधी‑बारिश, वज्रपात और तेज़ हवाओं के संभावित संयोजन को दर्शाया गया है, जो अगले 96 घंटे तक जारी रहने की संभावना है। प्राथमिक चेतावनी के तहत पटना, गया, बगड़, और भागलपुर जैसे प्रमुख जिलों को सबसे अधिक जोखिम वाला माना गया है।
अंतिम अपडेट के अनुसार, 19 जिलों में आंधी‑बारिश का डबल अलर्ट जारी किया गया, जहाँ 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। अतिरिक्त 12 जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं के साथ तेज़ बारिश की चेतावनी दी गई। इन जिलों में मुजफ्फरपुर, बिहार, और कालीघाट मुख्यतः प्रभावित होंगे। IMD ने यह भी बताया कि इन क्षेत्रों में वज्रपात के साथ साथ तुफान की संभावना भी बनी रहेगी, जिससे स्थानीय प्रशासन को तुरंत बचाव कार्य शुरू करने की सलाह दी गई है।
पिछले कुछ दिनों में बिहार में मानसून की तीव्र गति ने आधे राज्य को कवर किया था। 12 जून को किशनगंज‑अररिया मार्ग से मॉनसून का प्रवेश हुआ, जिसके बाद 15 जून तक पूरे राज्य में समान वितरण की संभावना थी। स्टेटवाइड बाढ़ जोखिम को देखते हुए, IMD ने विशेष रूप से दारभंगा, सार्थल, और पूर्णिया में जल स्तर की निरंतर निगरानी का आदेश दिया है। इन जिलों में जल निकासी के लिए अतिरिक्त उपायों को तेज़ करने का निर्देश जारी किया गया।
IMD ने अगले 96 घंटे में पटना, गया, और इन जिलों में जारी रहने वाले आंधी‑तूफान और बारिश के कारण ट्रैफिक जाम, झड़ते पेड़, और बिजली कटौती जैसी समस्याओं की संभावना को उजागर किया। नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, खुले में रहने से बचने और सुदृढ़ छत वाले मकानों में आश्रय लेने का आग्रह किया गया। साथ ही, कृषि कार्य में लगे किसानों को फसल को सुरक्षित रखने के लिए उचित आश्रय व्यवस्था बनाने की सलाह दी गई है।
इस अलर्ट के तहत, IMD ने प्रत्येक जिले के स्थानीय मौसम स्टेशन से स्थिति रिपोर्टिंग को हर 3 घंटे में अपडेट करने का निर्देश जारी किया है। इस प्रक्रिया में वायुदाब, आर्द्रता, और वायु गति के आंकड़ों को रीयल‑टाइम में सेंट्रल डेटा बेस में भेजा जाएगा, जिससे भविष्य की चेतावनियों को अधिक सटीक बनाया जा सके। साथ ही, बिहार सरकार ने उच्चतम स्तर पर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तैनात कर आपदा प्रबंधन के लिए तैयारियों को तेज़ किया है।
बिहार के 16 जिलों में पहले से ही जल निकासी के लिये पम्प और मोबाइल टॉपिंग यूनिट्स स्थापित हो चुकी हैं। इन यूनिट्स को विशेष रूप से उन क्षेत्रों में लगाया गया है जहाँ पिछले वर्ष बाढ़ की स्थिति अधिक गंभीर रही थी। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित रोगों के प्रसार को रोकने के लिए आपातकालीन चिकित्सा किट और एंटीबायोटिक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है।
बिहार सरकार ने मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए, सभी स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक संस्थानों को 16‑18 जून तक बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी संभावित व्यवधान को नियंत्रित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे विभाग ने पटना-गया सेक्शन में ट्रैफिक को शीघ्रता से चलाने के लिए अतिरिक्त टेंडरिंग वर्कर तैनात किए हैं, जबकि बस सेवाओं को भी अल्पावधि में पुनः आरंभ करने की योजना बनाई गई है।
इन व्यापक उपायों के बावजूद, मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि मौसमी बदलाव की तीव्रता के कारण भविष्य में अधिक जिलों में इसी तरह के अलर्ट जारी हो सकते हैं। इसलिए, नागरिकों को स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी किए जा रहे अद्यतन संदेशों पर निरंतर नजर रखनी चाहिए और समय-समय पर सामाजिक मीडिया और रेडियो के माध्यम से सूचना प्राप्त करनी चाहिए।
अंत में, IMD ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि कोई आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हो तो तुरंत स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण या डाकघर के 112 नंबर पर रिपोर्ट करें। इस प्रक्रिया से न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी तेज़ प्रतिक्रिया संभव होगी। सभी को सुरक्षा के उपाय अपनाते हुए, मौसमी चुनौतियों का सामना करने की सलाह दी जाती है।
Source: https://www.prabhatkhabar.com/topic/bihar-weather

















