Bihar Political Crises : Amit Shah की बैठक और पलट गई बिहार की राजनीति

बिहार में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है. सीएम नीतीश कुमार बीजेपी के साथ आ सकते हैं, इसे लेकर अटकलों का` दौर चल रहा है. दिल्‍ली बीजेपी मुख्‍यालय में इस मुद्दे पर पार्टी के प्रमुख जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह व अन्‍य बिहार के नेताओं की बैठक हुई.

बिहार मामले पर चल रही बैठक में नड्डा और शाह के अलावा बीएल संतोष, विनोद तावड़े भी मौजूद हैं. लोकसभा चुनाव 2024 शुरू होने में अब 2 महीने से भी कम वक्‍त बचा है. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि नीतीश कुमार किस तरफ जाते हैं.

केवल दिल्‍ली ही नहीं बिहार में भी इस वक्‍त बैठकों का दौर चल रहा है। सीएम नीतीश कुमार ने अपने आवास पर सभी वरिष्‍ठ नेताओं की बैठक बुलाई है, जिसमें विधायक भी शामिल हुए हैं. वहीं, अगर लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी की बात की जाए तो वहां भी बैठकों का दौर चल रहा है. भाजपा के सहयोगी और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन ने आज कहा कि बिहार सरकार एक-दो दिन में गिर सकती है.

जीतन राम मांझी ने दावा किया कि बिहार में महागठबंधन सरकार बरकरार नहीं रहेगी. पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मांझी ने दावा किया कि परिवारवाद पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान उनके सहयोगी कांग्रेस और राजद पर लक्षित था. ‘‘बिहार के राजनीतिक माहौल के बारे में ज्यादा कुछ कहने को नहीं है. सभी इसे देख रहे हैं. वंशवाद की राजनीति पर नीतीश कुमार का बयान कांग्रेस और राजद पर था. इन परिस्थितियों में क्या आपको लगता है कि वे एकजुट रहेंगे ?’’

राजभवन के समारोह में नहीं आए तेजस्‍वी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राजभवन में जलपान समारोह में शामिल हुए, लेकिन राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव इसमें नहीं आये. यह घटनाक्रम इन अटकलों की पृष्ठभूमि में आया है कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्यक्ष कुमार, महागठबंधन का साथ छोड़ सकते हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में वापसी कर सकते हैं.