बेतिया में RTPS काउंटर क्लर्क को घूस लेते पकड़ा, 15K रुपये रिश्वत पर गिरफ्तार
बेतिया के RTPS काउंटर पर एक क्लर्क को 15,000 रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। निगरानी विभाग ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राजकुमार मिश्र को पकड़ लिया और केस की जांच जारी रखी।
पश्चिमी चंपारण के बेतिया अंचल के RTPS काउंटर पर एक क्लर्क को 15,000 रुपये घूस लेते पकड़ा गया। निगरानी विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजकुमार मिश्र को गिरफ्तार कर लिया और घटना की पूरी जाँच चल रही है।
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पश्चिमी चंपारण के बेतिया अंचल में स्थित RTPS काउंटर पर एक क्लर्क को 15,000 रुपये घूस लेते पकड़ा गया। यह घटना बेतिया अंचल कार्यालय के RTPS काउंटर पर हुई, जहाँ राजकुमार मिश्र नाम के क्लर्क पर जमीन जमाबंदी अनलॉक कराने के लिये रिश्वत लेने का आरोप है।
निगरानी विभाग की टीम ने यह पता लगाते हुए कि राजकुमार मिश्र सात वर्षों से वही स्थान पर तैनात हैं, उन्हें घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी राजकुमार मिश्र, बेतिया जिले के चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव के निवासी हैं। उनकी गिरफ्तारी के समय उनके हाथ में 15,000 रुपये थे और वे जमीन जमा अनलॉक कराने की प्रक्रिया में लगे थे।
पीड़ित व्यक्ति बालेश्वर कुमार ने बताया कि उनकी जमीन जमाबंदी अभी भी लॉक है और अनलॉक कराने के लिए घूस मांग रहे थे। उन्होंने कहा, “मेरी जमीन की जमाबंदी जो लॉक है, उसे अनलॉक करने के लिये 15,000 रुपये मांगा जा रहा था और दबाव बनाया जा रहा था। हमने इससे तंग आकर निगरानी विभाग को जानकारी दी।” इसके बाद मंगलवार को निगरानी विभाग की टीम ने राजकुमार मिश्र को गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी विभाग के डीएसपी श्यामबाबू प्रसाद ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बालेश्वर कुमार ने विभाग को सूचना दी थी और सत्यापन के बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजकुमार मिश्र को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़कर गिरफ्तार किया गया और आरोपी को सम्बंधित प्राधिकरण द्वारा ले जाया गया।
यह घटना नागरिकों के बीच आस्था और भरोसे पर सवाल उठाती है। जमीन जमाबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की इस जाँच से पता चलता है कि कुछ क्लर्क लाभ के लिए अनैतिक प्रथाओं में लिप्त हैं। बेतिया और इसके आसपास के इलाकों में इस तरह के अपवादों की गणना सीमित होने के बावजूद, यह मामला जनता को सतर्क करता है कि वे अपनी जमीन जमाबंदी प्रक्रियाओं की निगरानी करें और किसी भी अवैध मांग पर तुरंत संबंधित विभाग को रिपोर्ट करें।
अभी तक जमीन जमाबंदी प्रक्रिया पर इस घटना का प्रभाव पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि, अधिकारीगण कहते हैं कि इसी तरह के मामलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जमीन जमाबंदी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त निरीक्षण और निगरानी उपाय लागू किए जाएंगे।
निगरानी विभाग ने यह भी बताया कि राजकुमार मिश्र को 15,000 रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़कर तुरंत हिरासत में ले लिया गया। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और निगरानी विभाग की टीम ने आरोपी के खिलाफ रिकॉर्ड तैयार किया और उसे आगे की जांच के लिए फाइल किया।
वर्तमान में राजकुमार मिश्र की साक्षात्कार और अदालत में आगे की प्रक्रिया का इंतजार है। इसके अलावा, बेतिया क्षेत्र में जमीन जमाबंदी के अन्य मामलों पर भी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी भ्रष्टाचारपूर्ण प्रथाएं दोबारा न हों।
















