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Bihar Land Survey: जमीन का कागजात नहीं रहने पर क्या होगा? सर्वें में वंशावली क्यों जरूरी, घर बैठे जानें A टू Z सबकुछ

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Bihar Land Survey: जमीन का कागजात नहीं रहने पर क्या होगा? सर्वें में वंशावली क्यों जरूरी, घर बैठे जानें A टू Z सबकुछ
Bihar Land Survey: जमीन का कागजात नहीं रहने पर क्या होगा? सर्वें में वंशावली क्यों जरूरी, घर बैठे जानें A टू Z सबकुछ

Bihar Land Survey : सर्वे में प्रपत्र दो एवं तीन भरने के दौरान रैयतों को काफी परेशानी आ रही है। जबकि खतियानी रैयत , जमाबंदी रैयत के वंशज स्वयं प्रपत्र 3 में वंशावली तैयार कर अंचल के शिविर में जमा कर सकते है या ऑनलाइन अपलोड कर सकते है।

बिहार के गांवों में जमीन सर्वेक्षण का काम चल रहा है। कई बार लोग जानकारी के अभाव में सरकारी कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। राज्य के पश्चिम चम्पारण जिले में विशेष भूमि सर्वेक्षण के प्रारंभिक चरण में अभी ग्राम सभा का आयोजन हो रहा है। ग्राम सभा में लोगों को फॉर्मेट भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

फार्मेट को समय से भरकर शिविर में जमा करने का अनुरोध किया जा रहा है। पश्चिम चम्पारण के बंदोबस्त पदाधिकारी प्रमोद कुमार बताते है कि रैयतो को अभी ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नही है। उन्हें प्रपत्र दो में रैयत या रैयत के वंशज द्वारा धारित भूमि का ब्योरा भरकर अपने अंचल के शिविर में जमा करना है।

रैयत अपनी भूमि का ब्योरा ऑनलाईन भी कर अपलोड कर सकते है। उन्होंने बताया कि जिले के 850 गांव में विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्राम सभा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ऑफलाइन एवं ऑनलाइन प्रपत्र भरने की जानकारी भू-धारियों को दी जा रही है। जिले के 18 में से 17 अंचलो के 1451 मौजा में विशेष सर्वेक्षण का कार्य पूरा करना है। हालांकि सरकार की ओर से जिले के चार अंचलो के 281 मौजो में पहले से हीं सर्वे का काम चल रहा है। शेष 1170 मौजा में अगस्त महीने से सर्वेक्षण का कार्य चलाया जा रहा है।

निबंधन, अभिलेखागार, अंचल में उमड़ रही भीड़ इधर भूमि सर्वेक्षण आंरभ होने के बाद जिले के निबंधन कार्यालय, अभिलेखागार और अंचल में पुराने कागजातों की खोज के लिए लोड बढ़ने लगा है। नतीजतन भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग कागजातों की खोज में परेशान हैं तो इन कार्यालयों के कर्मी अचानक से भीड़ बढ़ने से परेशान हैं। इन कार्यालयों में पहुंचने वाले लोग सबसे पहले अपने कागजातो को पाने के लिए कर्मियों पर दबाव भी बना रहे हैं।

प्रपत्र भरने में लोगों को आ रही परेशानी

सर्वे में प्रपत्र दो एवं तीन भरने के दौरान रैयतों को काफी परेशानी आ रही है। जबकि खतियानी रैयत , जमाबंदी रैयत के वंशज स्वयं प्रपत्र 3 में वंशावली तैयार कर अंचल के शिविर में जमा कर सकते है या ऑनलाइन अपलोड कर सकते है। राजस्व रसीद की छायाप्रति स्वघोषणा के साथ संलग्न करना है।

यदि क्रय बदलैन या दान की भूमि है तो दस्तावेज की छाया प्रति , यदि सक्षम न्यायालय का आदेश है तो आदेश की प्रति , बंदोबस्त भूमि भूदान प्रमाण पत्र बासगीत पर्चा की छायाप्रति अपलोड या जमा कर सकते है। इसके साथ हीं यदि जमाबंदी रैयत जीवित है तो केवल उन्हे प्रपत्र दो में घोषणा देना है।

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