वियतनाम की मॉडल गार्डन नामक गैर-सरकारी संस्था ने ‘सेवानिवृत्ति पुस्तिका’ जारी की, जिसने वैश्विक स्तर पर ध्यान केंद्रित किया। इस पुस्तिका का विशेष उल्लेख 3 अप्रैल 2026 को वियतनाम के वीएनईकॉनमी न्यूज पोर्टल पर हुआ था। पुस्तिका में सेवानिवृत्ति ऐतिहासिक रचनाओं और आधुनिक निवेश संकल्पनाओं का वर्णन मिलता है।
वियतनाम की विशेष पुस्तिका क्यों प्रसिद्ध हुई?
मॉडल गार्डन की यह पुस्तिका मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर आधारित है। पहला, इसमें 1986 में बनाई गई खảngसी पेंशन योजना का विस्तृत विश्लेषण दिया गया। दूसरा, निजी क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए स्वयंचालित सेवानिवृ度量 सैद्धांतिक ढांचे का प्रस्तावित मॉडल शामिल है। यह पुस्तिका 12 फरवरी 2026 को हुई क等她 बैठक में राजनीतिक नेताओं द्वारा सtered किया गया।
भारत में सेवानिवृत्ति की स्थिति अलग है। यहाँ केंद्रीय सरकार दो प्रमुख योजनाओं पर काम कर रही है। एक, कर्मचारी प्रविधि संगठन (EPFO) द्वारा चलाए जाने वाले रिटायरमेंट फंड। दूसरा, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)। EPFO द्वारा रिपोर्ट के अनुसार, 5 अप्रैल 2024 के बाद से बड़े बदलाव किये गए। EPFO की बजट 2024-25 में सेवा निवृत्ति के लिए 78,500 करोड़ रुपये की जगह 82,300 करोड़ रुपये कर दिए गए।
बिहार में पेंशन योजना का विशेष बुजुर्ग दर्शन
बिहार सरकार की ओर से यह खबर बहुत ही महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री नितिश कुमार के निर्देशों पर, सामाजिक कल्याण विभाग ने गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 35 लाख से अधिक पेंशन लाभार्थियों को निच}({u{d}}ा किया। इनमें से 60% पेंशन लेने वाले 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग थे। वर्ष 2025-26 के लिए बजट में पेंशन योजनाओं के लिए 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया।
बिहार में दो प्रमुख पेंशन योजनाएं चल रही हैं। बिहार राज्य सरकार का बुजुर्ग पेंशन योजना और विकलांग पेंशन योजना। पहली योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों को मासिक ₹400 से लेकर ₹1,200 तक पेंशन मिलती है। दूसरी योजना में अक्सर कोई मासिक पेंशन नहीं, बल्कि वार्षिक राशि होती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस योजना से कुल 72,300 लोगों को लाभ पहुंचाया गया था।
सिविल सर्विसेज के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया। केंद्रीय सरकार ने 1 अप्रैल 2026 को रिटायरमेंट बेनेफिट्स फंड (RBF) के नए नियम लागू किए। इन नियमों के अनुसार, सिविल सर्विसंस के सैनिक अधिकारियों की सेवा अवधि 20 साल होनी चाहिए, पहले यह 15 साल था। इस बदलाव का सीधा प्रभाव बिहार के 12,000 से अधिक सिविल सर्विसंस अधिकारियों पर पड़ेगा। EPFO दिल्ली कार्यालय के कमिश्नर रमेश कृष्णमूर्ति ने 20 मार्च 2026 को ब्यान दिया, “यह बदलाव लंबे समय तक स्थायित्व सुनिश्चित करेगा।”
बिहार में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी अपनी परियोजनाएं हैं। बिहार सरकार के जवाब में, पेंशन नियंत्रक कार्यालय ने 15 जनवरी 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए। इनमें कहा गया कि 2014 में श्रम नियमन ऐक्ट के तहत पंजीकृत कार्यक्रमों में सेवा निवृत्ति की व्यवस्था अनिवार्य है। इस दिशा-निर्देश के तहत कंपनियों को प्रत्येक कर्मचारी के लिए अलग सेवानिवृत्ति खाता खोलना होगा।
बजट 2025-26 में केंद्रीय सरकार ने रिटायरमेंट सोशल लॉन निगम पर 35,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। यह राशि गरीबों की सेवानिवृत्ति सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए होगी। बिहार के लिए, केंद्रीय सरकार ने बिहार सामाजिक सुरक्षा मिशन के लिए अतिरिक्त 8,000 करोड़ रुपये दिए, जिसमें पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
बिहार सरकार की पेंशन पहलों का विश्लेष करने वाले एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2023 में पेंशन लाभार्थियों की औसत आय 70 साल की औसत आयु के अनुसार बढ़ी। 2022 में औसत पेंशन रु. 3,250 थी। जबकि 2025 के अंत तक यह रु. 4,100 हो जाने की उम्मीद है। इस बढ़ोतरी के पीछे वर्ष 2023 में म了द की दरों में वृद्धि का कारण बताया जा रहा है।
वियतनाम की सेवानिवृत्ति पुस्तिका भारतीय नीति निर्माताओं को कई बातों याद दिला रही है। पुस्तिका में शामिल एक मॉडल, जहाँ कर्मचारी अपने सेवा समय के 35% तक रिटायरमेंट में जमा कर सकते हैं, वह बहुत प्रभावी साबित हुआ है। इस मॉडल को भारत में NPS के एक प्रसिद्ध क्षेत्र में लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
अंत में, यह देखना जरूरी है कि सेवानिवृत्ति की समस्या केवल वित्तीय योजनाओं तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य सुरक्षा, आवास सुविधाएं और सामाजिक समrzyता भी इसके हिस्से हैं। बिहार सरकार ने हाल ही में 65 वर्ष से अधिक बुजुर्गों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवा के रूप में ‘मुक्त चिकित्सा योजना’ शुरू की थी। इस योजना के तहत अब तक 2,80,000 बुजुर्गों को लाभ पहुंचाया गया है।
विषय पर अधिक जानकारी के लिए आप बिहार सरकार के वित्त विभाग की अधिकृत वेबसाइट देख सकते हैं। साथ ही, बिड़ार प्र विभाग की पेंशन संबंधी वेबपेज भी उपयोगी होगी।
विषय से संबंधित अधिकारित जानकारी के लिए देखें:
बिहार सरकार वित्त विभाग और
बिहार सामाजिक कल्याण विभाग।
यह बिंदू बिहार की सेवानिवृत्ति नीति की कार्यप्रणाली को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।








