भागलपुर पुलिस ने एक बड़े साइबरफ्रॉड मामले में सीपीएस ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। यह मामला क्लोन्ड फिंगरप्रिंट से जुड़ा हुआ है, जिसमें कई लोगों के पैसे ठगे गए हैं।
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि यह गिरफ्तारी 25 मार्च 2026 को हुई थी। उन्होंने कहा कि सीपीएस ऑपरेटर ने कई लोगों के फिंगरप्रिंट को क्लोन किया था और उनके पैसे ठगे थे।
इस मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 2 लोग भागलपुर के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि यह मामला बहुत ही जटिल है और इसकी जांच की जा रही है।
भागलपुर के एसपी रवि कुमार ने कहा कि पुलिस इस मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी कर सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने फिंगरप्रिंट को सुरक्षित रखें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने फिंगरप्रिंट नहीं दें।
इस मामले में पुलिस ने कई सबूतों को इकट्ठा किया है, जिनमें से एक क्लोन्ड फिंगरप्रिंट भी है। पुलिस ने बताया कि यह फिंगरप्रिंट एक विशेष तरह के纸 पर बनाया गया था, जो कि बहुत ही महंगा है।
भागलपुर पुलिस ने इस मामले में बहुत ही तेजी से काम किया है और सीपीएस ऑपरेटर को गिरफ्तार करने में सफल रही है। यह मामला भागलपुर के लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि वे अब अपने पैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।
भागलपुर पुलिस ने इस मामले में और भी जांच करने का फैसला किया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मामला कितना बड़ा है और इसमें और कितने लोग शामिल हैं।
इस मामले में पुलिस ने क्राइम न्यूज को बताया कि वे इस मामले में और भी जानकारी जल्द ही देंगे।







