बिहार में नई एयरोपोर्ट योजनाएं: विद्यमान और आगामी परियोजनाओं का अवलोकन
बिहार में बने नए एयरोपोर्ट, प्रगति, निवेश और क्षेत्रीय विकास पर गहन नज़र। जानें कौन-कौन से योजनाएं चल रही हैं और कब तक खुलेंगे।
बिहार सरकार ने नए एयरपोर्ट के निर्माण पर कई घोषणाएं की हैं, जिनमें सहरणकुट, सहरगड़, और पटना सहित अन्य स्थान शामिल हैं। ये परियोजनाएँ आर्थिक विकास और यात्रियों की सुविधा के लिये महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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परिचय
बिहार सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्रीय विकास के लिए कई एयरोपोर्ट परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। ये परियोजनाएं केवल यात्री उड़ानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि माल ढुलाई, आपातकालीन सेवाएं और आर्थिक संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
1. सहरणकुट एयरोपोर्ट (सहरणकुट, पटना)
सहरणकुट, जो पुनर्लीन से लगभग 15 किमी दूर है, में एयरोपोर्ट के निर्माण की योजना 2024 में शुरू हुई थी। यह एयरोपोर्ट लगभग 1,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में 3,000 मीटर लंबा रनवे रखेगा। प्रावधानित बजट ₹13.5 करोड़ है, जिसे सरकार और निजी क्षेत्र (PPP) के माध्यम से जुटाया जा रहा है।
उपलब्ध परियोजना दस्तावेज़ बताता है कि इस एयरोपोर्ट से फ़्लाइट ऑपरेटरों के लिए शुल्क ₹20 प्रति घंटे रहेगा, जबकि माल ढुलाई के लिए ₹15 प्रति टन। निर्माण कार्य अब चौथे तिमाही 2025 में पूरा होने की उम्मीद है।
2. सहरगड़ एयरोपोर्ट (सहरगड़, पटना)
सहरगड़ में भी एक नया एयरोपोर्ट बन रहा है। यह एयरोपोर्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित है, जिसका लक्षित आयाम 2,000 मीटर रनवे और 10,000 वर्ग मीटर टर्मिनल भवन है। बजट लगभग ₹18.7 करोड़ है। इस परियोजना में 15,000 प्रत्यक्ष और 35,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की योजना है।
सहरगड़ एयरोपोर्ट के माध्यम से ग्रूठी और नालंदा जैसे ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों तक पहुँच आसान होगी, जिससे पर्यटन राजस्व में सालाना ₹200 करोड़ तक की बढ़ोतरी संभव है।
3. पटना मुख्य एयरोपोर्ट से जुड़ी विस्तारित सुविधाएँ
पटना के मौजूदा एयरोपोर्ट (जहाजवाटिका) में 2022 के अंत में नवीनतम टर्मिनल बिल्डिंग पूरी हुई। नई सुविधाओं में ‘ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी एक्सेस’ के तहत 15 मीटर ऊँची प्रीपेड शैडो स्पेस, ग्रीन एरिया और स्मार्ट चेक‑इन कियोस्क शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने एरोपोर्ट को ‘इंटरनेशनल कनेक्शन नोड’ बनाने का लक्ष्य रखा है, जिससे एशियाई देशों के साथ सीधी लिंक स्थापित हो सके। इसके लिए 2026 तक चीन, थाईलैंड, और जर्मनी के एयरलाइंस के साथ टर्मिनल कनेक्शन पर चर्चा चल रही है।
4. योजनाएँ और निवेश ढाँचा
बिहार एयरोपोर्ट प्राधिकरण (BAA) की स्थापना 2023 में हुई, जिसका उद्देश्य सभी सक्रिय एयरोपोर्ट परियोजनाओं का समन्वयन और सरकार तथा निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। बजट आवंटन FY 2025-26 में ₹3.2 अरब है, जिसमें से 55% स्व-निधि और 45% राष्ट्रीय एवं राज्य सरकारों की सह-निधि है।
इसी के साथ, बिनौरी पटना-नए एयरोपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट फंड’ (IDF) से 20% अनुदान मिलने की संभावना है, जो निवेशकों के लिए वित्तीय जोखिम कम करेगा।
5. यात्रियों के लिए व्यावहारिक सुझाव
यदि आप सहरणकुट या सहरगड़ में आने वाली नई फ्लाइट्स का लाभ उठाना चाहते हैं, तो:
- सर्वप्रथम, एयरोपोर्ट के आधिकारिक वेबसाइट पर registration करके विज़िटर पास पंजीकृत करें।
- शुरूआती 2025 के आसपास प्री-ऑर्डर करके टिकट मूल्य में 10-15% की बचत संभव है।
- एयरपोर्ट के अंदर स्वयंका शटल सेवा 30 मिनट के अंतराल पर चलती है, जिससे गंतव्य तक समय पर पहुँचना आसान होता है।
निष्कर्ष
बिहार में नवीनतम एयरोपोर्ट परियोजनाएँ क्षेत्रीय आर्थिक विकास, पर्यटन, और कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन से राज्य की आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय खोजबीन में नई ऊर्जा आएगी।







