पटना में बिहार दिवस के अवसर पर गांधी मैदान में ‘रोबोट’ और एआई का जलवा देखा गया। मंत्री संजय सिंह टाइगर ने स्किल डेवलपमेंट स्टॉल का उद्घाटन किया, जिसमें बिहार के युवाओं के लिए ‘आत्मनिर्भर’ रोजगार के द्वार खुले।
यह आयोजन बिहार सरकार द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य के विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाए थे। गांधी मैदान में पर्यटन विभाग के पवेलियन में 3D अवतार में ‘नया बिहार’ दिखाया गया, जबकि 53 स्टॉल्स पर लिट्टी-चोखा का जलवा देखा गया।
बिहार दिवस पर रोजगार के नए अवसर
बिहार दिवस पर पटना में रोजगार के नए अवसरों की घोषणा की गई। मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाने की पहल की है, जिसमें ₹10 में इंजीनियरिंग और ₹5 में पॉलिटेक्निक शिक्षा दी जाएगी।
गांधी मैदान में कृषि पवेलियन का उद्घाटन किया गया, जिसमें आधुनिक तकनीक और पारंपरिक उत्पादों का अनोखा संगम दिखाया गया। यहां पर ‘सहकारिता मण्डप’ का उद्घाटन भी किया गया, जिसमें “उन्नत बिहार–उन्नत पैक्स” मॉडल को प्रदर्शित किया गया।
पटना में कला और संस्कृति का अनोखा संगम
पटना में बिहार दिवस पर कला और संस्कृति का अनोखा संगम देखा गया। गांधी मैदान में कला एवं संस्कृति विभाग का पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र, जहां विरासत और तकनीक का अनोखा संगम दिखाया गया। यहां पर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘चिड़िया’ का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया।
पटना में कला और संस्कृति के प्रति लोगों के रुझान को देखते हुए, बिहार सरकार ने इस क्षेत्र में और अधिक निवेश करने का फैसला किया है। मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि सरकार कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की जाएंगी।
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बिहार दिवस पर पटना में आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी के लिए, आप विकिपीडिया पर जा सकते हैं।