27 मार्च 2026 को एक बड़ी खबर सामने आई, जब एपीएफ ने सुनवे के आईजेएम कॉर्प के अधिग्रहण प्रस्ताव पर मतदान से इनकार किया। यह निर्णय एक बड़ा झटका है, जो आईजेएम कॉर्प के शेयरों पर असर डाल सकता है।
सुनवे ने आईजेएम कॉर्प के अधिग्रहण के लिए 1.4 अरब रुपये का प्रस्ताव दिया था, जो एक बड़ा रकम है। लेकिन एपीएफ ने इस प्रस्ताव पर मतदान से इनकार किया, जो एक बड़ा निर्णय है। एपीएफ के इस निर्णय के पीछे के कारणों को समझने के लिए, हमें आईजेएम कॉर्प के वित्तीय स्थिति और सुनवे के प्रस्ताव को देखना होगा।
आईजेएम कॉर्प एक मलेशियाई कंपनी है, जो निर्माण और विकास कार्यों में शामिल है। कंपनी का बाजार मूल्य 2.5 अरब रुपये है, जो एक बड़ा आंकड़ा है। लेकिन कंपनी को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है, जो इसके शेयरों पर असर डाल रहा है।
सुनवे ने आईजेएम कॉर्प के अधिग्रहण के लिए 1.4 अरब रुपये का प्रस्ताव दिया था, जो एक बड़ा रकम है। लेकिन एपीएफ ने इस प्रस्ताव पर मतदान से इनकार किया, जो एक बड़ा निर्णय है। एपीएफ के इस निर्णय के पीछे के कारणों को समझने के लिए, हमें सुनवे के प्रस्ताव को देखना होगा।
सुनवे का प्रस्ताव आईजेएम कॉर्प के शेयरधारकों के लिए एक अच्छा अवसर है, लेकिन एपीएफ ने इस प्रस्ताव पर मतदान से इनकार किया। एपीएफ के इस निर्णय के परिणामस्वरूप, आईजेएम कॉर्प के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा गया। यह निर्णय एक बड़ा झटका है, जो आईजेएम कॉर्प के शेयरधारकों को प्रभावित करेगा।
एपीएफ के इस निर्णय के बाद, आईजेएम कॉर्प के शेयरधारकों को अपने शेयरों के भविष्य के बारे में चिंतित होने का कारण है। लेकिन इस निर्णय के परिणामस्वरूप, आईजेएम कॉर्प के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा गया, जो एक बड़ा बदलाव है।
इस घटना के बाद, वित्तीय समाचार और बिजनेस न्यूज़ के विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। उनका कहना है कि एपीएफ के इस निर्णय के परिणामस्वरूप, आईजेएम कॉर्प के शेयरधारकों को अपने शेयरों के भविष्य के बारे में चिंतित होने का कारण है।







