2 अप्रैल 2026 को SBI और HDFC बैंक की बड़ी बढ़ोतरी
2 अप्रैल 2026 को भारत का सबसे बड़ा बैंक SBI ने अपनी स्थिर बचत ब jaki (FD) रेट में 0.25% की तेजी से बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा दी। यह बढ़ोतरी कई श्रेणियों के लिए लागू हुई। उदाहरण के लिए, 1 वर्ष के लिए सामान्य श्रेणी का वहन रेट अब 6.50% हुआ, जो पिछले 0.25% बढ़कर 6.75% हो गया।
बस एक घंटे के भीतर HDFC बैंक ने भी इस बढ़ोतरी का पालन किया। HDFC बैंक ने 1 से 3 वर्ष के लिए अपने एफडी रेट में 0.20% तक की बढ़ोतरी की। पिछले हफ्ते के बाद यह दूसरी बड़ी बैंकिंक गतिविधि है जो ऋण अवधि के लिए स्थिर रेट बढ़ा रही है।
यह बढ़ोतरी RBI की 25 मार्च 2026 की बैंक दर घटाने की घोषणा के कम से कम दो सप्ताह बाद आई है। मुख्य आर्थिक लेखा परिक्षक रवि शंकर ने बताया कि “बैंक अब ऋण की लागत बढ़ते बजट घाटे के जवाब में तेजी से बढ़ रहे हैं।”
बिहार में ऋण लेने वालों पर सीधा नुकसान
बिहार में हजारों लोग एफडी में पूंजी निवेशित करते हैं। पटना के वvitry नगर में एक क्षेत्रीय बैंक शाखा प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि “अब तक हमें 10 से 15 अप्रैल तक के लिए नए एफडी बुकिंग में बढ़ोतरी दिखाई दे रही थी। यह बढ़ोतरी इस ब-Tr काफी बड़ा परिवर्तन है।”
एक विश्लेषण के अनुसार, बिहार में माध्यमिक आय वाले कुटुंबों का औसत निवेश 5 लाख रupaye है। 0.25% की बढ़ोतरी से एक 5 लाख रupaye के एफडी पर वार्षिक ब्याज में लगभग 1,250 रupaye की कमी आएगी। यह बढ़ोतरी बेईमानों और निवेशकों के बीच तनाव बढ़ा रही है।
बिहार सरकार के वित्त विभाग की वेबसाइट पर जानकारी के अनुसार, बिहार में बैंक शाखao में नए एफडी सब्सक्रिप्शन मार्च 2026 में 12% से अधिक बढ़े थे।
भविष्य में और बढ़ोतरी की संभावना
मुंबई के एक बैंकिंक विशेषज्ञ ने बताया कि “अगर RBI अगले महीने को भी बैंक दर में कटौती करती है तो बैंक एफडी रेट में और बढ़ोतरी कर सकते हैं।” SBI के पिछले महीनों के डेटा से पता चलता है कि बढ़ोतरी के बाद एफडी बुकिंग में 8% की कमी आई थी।
अक्टूबर 2025 में SBI ने एफडी रेट में 0.50% की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद दिसंबर 2025 में 0.25% की कमी हुई थी। इस बार की बढ़ोतरी पूरे क्षेत्र में तेजी से फैल रही है।
बैंकिंक क्षेत्र एक अधिकारी ने बताया कि “यह त्रिपल मौके का प्रदर्शन है – बजट घाटा, आय नियमन और बैंकिंग लाभदायकता।” यह बढ़ोतरी छोटे सेवा क्षेत्र और गिरफ्तारी वालों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाएगी।
बिहार के साथ देशव्यापी प्रभाव
देश भर में एक अभी तक 10 बड़े बैंकों ने एफडी रेट में बढ़ोतरी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे क्षेत्रों में नए बैंक शाखao का विस्तार धीमा है। पटना हाईकोर्ट ने पिछले महीने दो याचिकाओं पर सुनवाई की जहां एफडी रेट पर संवेदनशीलता का जिक्र था।
बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर एक नई नोटिफिकेशन दो पटना हाईकोर्ट के अधीन आई है जो एफडी रेट की पारदर्शिता पर जोर दे रही है। एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के लिए यहाँ क्लिक करें: बिहार सरकार आधिकारिक वेबसाइट।
Aur एक बार RBI ने बैंकों से कहा कि वे एफडी रेट की व्यवस्था में संतुलन बनाए रखें। लेकिन बैंक अब अपनी मूल्य वैधता बनाए रखने के लिए जल्द ही और बढ़ोतरी कर सकते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अगले तरह के चरण में छोटे ऋण Lehane वाले住户ों पर दबाव बढ़ेगा।
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