गोपलगंज जेल में विचाराधीन कैदी इरशाद आलम की रहस्यमयी मौत, परिजनों ने की लापरवाही का आरोप
गोपालगंज जेल में विचाराधीन कैदी इरशाद आलम की मौत पर परिवार ने इलाज में लापरवाही और टॉर्चर का आरोप लगाया, प्रशासन ने जांच की शुरुआत की।
इंटरनेट से लेकर जेल तक, इरशाद आलम की मौत ने गोपालगंज में हड़कंप मचा दिया। परिजन और स्थानीय नेता दोनों ही जेल प्रशासन की लापरवाही की माँग कर रहे हैं।
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गोपालगंज के चनावे जेल में 28 वर्षीय इरशाद आलम की मृत्यु 4 जून से बनी हुई घटना आज 10 जून 2026 को समाचार बन गई है। इरशाद बरौली के बलहा गांव के रहने वाले थे, जिन पर दो झूठे पासपोर्ट बनवाने का आरोप था और पटना पासपोर्ट ऑफिस के निर्देश पर बरौली थाने में केस दर्ज किया गया।
पुलिस ने 2 जून को इरशाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें 4 जून को चनावे जेल में स्थानांतरित किया गया। जेल में प्रवेश के दो दिन बाद, रात को परिजन को सूचना मिली कि इरशाद की तबियत बिगड़ी है; उन्होंने तुरंत जेल से उन्हें सदर अस्पताल ले जाने की मांग की, पर अस्पताल पहुंचने पर इरशाद मृत पाए गये। परिवार का दावा है कि जेल में ही इलाज की उपेक्षा के कारण उनकी मौत हुई।
परिजनों के आरोप में बताया गया कि इरशाद को बरौली थाना में दो दिनों तक टॉर्चर किया गया और मोटी रकम की मांग की गई। उन्होंने स्थानीय विधायक और मुखिया से मदद मांगी, पर फिर भी इरशाद को दो दिन तक हिरासत में रखकर टॉर्चर किया गया, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ गई।
राज्य स्तर के राजद जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ने कहा कि इरशाद को बरौली थानाध्यक्ष द्वारा टॉर्चर किया गया और मेडिकल चेक‑अप के बाद ही उन्हें जेल भेजा गया, जबकि चेक‑अप में वह फिट दिखाए गए थे। उन्होंने थानाध्यक्ष के खिलाफ सस्पेंड करने की मांग की है।
जिला मजिस्ट्रेट सुशांत सिंह ने गोपालगंज सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराई है और बताया कि परिजन ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा।
यह घटना गोपालगंज जेल में पहले भी कई मौतों के साथ जुड़ी हुई है: फरवरी 2026 में दर्शन कुमार की शराब तस्करी केस में मौत, जनवरी 2023 में समस्तीपुर के एक कैदी की संदिग्ध हालत में मौत, अप्रैल 2022 में दहेज हत्या मामले में उजमा देवी की मौत, और अगस्त 2019 में वीरेंद्र यादव की मौत। इन सभी मामलों में जेल प्रशासन की लापरवाही की मांग की गई है।
परिजन ने कहा कि इरशाद की मौत एक साजिश का हिस्सा है और उन्होंने न्याय के लिए पूरी प्रक्रिया का पालन करने का इरादा व्यक्त किया है। जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।














