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बिहारी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा: कड़ी सुरक्षा, बहुशहरों में तीन दिवसीय शारीरिक परीक्षण

बिहारी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में सहरसा, नालंदा, पूर्णिया, अरवल आदि शहरों में कड़ी निगरानी, त्रिस्तरीय सुरक्षा, बायोमीट्रिक जांच और हवाई फायरिंग सहित कई घटनाएँ दर्ज हुईं।

सहरसा में कड़ी निगरानी के बीच सिपाही भर्ती परीक्षा आयोजित, नालंदा व पूर्णिया में त्रिस्तरीय सुरक्षा लागू। अभ्यर्थियों के हंगामे पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की।

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बिहार में 14 और 17 जून को निर्धारित सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए विभिन्न जिलों में सुरक्षा उपायों को दोहराया गया। सहरसा में रात भर कड़ी निगरानी रखी गई, जबकि नालंदा, पूर्णिया और अरवल में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई, जिसमें बायोमीट्रिक जांच, सतत पुलिस पदस्थापना और हवाई फायरिंग शामिल थी।

सहरसा में आयोजित परीक्षा के दौरान, पुलिस ने अभ्यर्थियों के बीच हुए संभावित दंगे को रोकने के लिए अतिरिक्त ड्यूटी मानदेय वाले पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया। रात 1:03 बजे तक अजीब आवाज़ें सुनी गईं, लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण कोई बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ नहीं हुई। स्थानीय मीडिया ने बताया कि पुलिस ने समीक्षा बैठक के बाद सभी प्रवेश द्वारों पर बायोमीट्रिक उपकरण स्थापित किए, जिससे केवल मान्यता वाले उम्मीदवार ही प्रवेश कर सके।

नालंदा में दो पालियों में कुल 23 केंद्रों पर सिपाही भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान, पुलिस ने 9:16 बजे से पहले ही सभी मुख्य प्रवेश गेटों को नियंत्रित किया और प्रत्येक केंद्र पर कम से कम दो युक्त पुलिस बल तैनात किए। परीक्षण स्थल के आसपास सैकड़ों सुरक्षा कर्मियों ने अभ्यर्थियों की पहचान की पुष्टि के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी, जिससे ईंट-गैरी और भीड़भाड़ को रोका गया।

पूर्णिया में 9:07 बजे से शुरू हुई सिपाही भर्ती परीक्षा में भी त्रिस्तरीय सुरक्षा लागू की गई। पहले चरण में बायोमीट्रिक स्कैनिंग, दूसरे चरण में दस्तावेज़ सत्यापन और तीसरे चरण में फिजिकल फिटनेस टेस्ट शामिल था। पुलिस ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षण के बाद ही अगले चरण में आगे बढ़ने की अनुमति दी गई, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रही।

पटना में 9:48 बजे रिपोर्ट किया गया कि पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर कुछ अभ्यर्थियों ने ट्रेनें रोकने और पथराव करने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने हवाई फायरिंग का उपयोग किया। इस घटना में कोई गंभीर चोट नहीं लगी, परंतु पुलिस ने तुरंत ही सभी अभ्यर्तियों को रोक दिया और आगे की कार्रवाई की घोषणा की। इस हंगामे के कारण कई अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया और आगे की जांच चल रही है।

अरवल में चार केंद्रों पर 6:59 बजे से तैनाती शुरू की गई, जहाँ डीएम ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा की और कहा कि सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कर्चियों को दोहराया गया है। डीएम और एसपी ने संयुक्त ब्रीफिंग में बताया कि अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर कोई भी अनियमितता नहीं पाई गई और परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है।

इन सभी परीक्षणों के दौरान, पुलिस ने अभ्यर्थियों की वैधता और शारीरिक क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए बायोमीट्रिक डेटा को प्राथमिकता दी। बायोमीट्रिक जांच में फेसियल रिकग्निशन, फ़िंगरप्रिंट और आयरिस स्कैनिंग शामिल थे, जिससे दुष्ट अभ्यर्थियों को आसानी से बाहर किया जा सका। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप, कुल 500 से अधिक अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई, जो सख्त सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

समग्र रूप से, बिहार पुलिस ने सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। कई शहरों में कड़ी निगरानी, बायोमीट्रिक जांच, हवाई फायरिंग और तीव्र पुलिस कार्रवाई ने यह दर्शाया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली या अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा। अगले चरण में, सफल उम्मीदवारों को दो-तीन सप्ताह के भीतर पत्र जारी किया जाएगा और आगे की प्रशिक्षण प्रक्रिया आरंभ होगी।

Source: https://www.prabhatkhabar.com/topic/bihar-police-exam

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