बेतिया में RTPS क्लर्क को घूस लेते पकड़ा, निगरानी विभाग ने १५,००० रुपये घूस लेने के लिये गिरफ्तारी की
बेतिया अंचल में RTPS काउंटर पर घूस लेते रंगे हाथ पकड़े क्लर्क राजकुमार मिश्र की गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग ने १५ हजार रुपये की रिश्वत की घटना को उजागर किया।
पश्चिमी चंपारण के बेतिया अंचल में एक RTPS काउंटर के क्लर्क को १५,००० रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। पीड़ित बालेश्वर कुमार ने निगरानी विभाग को सूचना दी, जिसके बाद कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया गया।
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पश्चिमी चंपारण के बेतिया अंचल में स्थित RTPS काउंटर पर एक क्लर्क को १५,००० रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े हुए निगरानी विभाग ने गिरफ्तारी की। पंजीकृत क्लर्क राजकुमार मिश्र को, जो जमीन से जुड़े एक मामले में घूस ले रहा था, चनपटिया थाना क्षेत्र के पकड़िहार गांव से गिरफ्तार किया गया।
पीड़ित, बालेश्वर कुमार, ने बताया कि उनकी जमीन की जमाबंदी अभी भी लॉक है और उसे अनलॉक करने के लिए १५,००० रुपये की मांग की जा रही थी। उन्होंने इस दबाव को महसूस करते हुए निगरानी विभाग को सूचना दी। विभाग की टीम ने मंगलवार को क्लर्क राजकुमार मिश्र को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा और गिरफ्तार किया।
निगरानी विभाग के डीएसपी श्यामबाबू प्रसाद ने यह स्पष्ट किया कि बालेश्वर कुमार ने विभाग को शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन के बाद क्लर्क पर कार्रवाई की गई और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
परिसर के अनुसार, राजकुमार मिश्र पिछले पांच वर्षों से RTPS काउंटर पर तैनात रहे हैं, और इस दौरान उन्होंने कई बार जमीन जमाबंदी से संबंधित मामलों में रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था। अब तक ऐसे आरोपों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई थी, जिससे जनता में असंतोष बढ़ा हुआ है।
निगरानी विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए काउंटर पर निगरानी और कड़ाई से निरीक्षण की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। विभाग ने यह भी कहा कि अन्य RTPS काउंटरों पर भी इसी तरह की जाँच शुरू की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार के कदाचार को रोका जा सके।
क्लर्क राजकुमार मिश्र को १५,००० रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, और पुलिस जांच के दौरान उसकी संपत्ति का निरीक्षण कर रहे हैं। अपेक्षा है कि आगे चलकर इस मामले में अदालत का आदेश जारी किया जाएगा और आरोपी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
बेतिया अंचल के नागरिकों के लिए यह घटना एक चेतावनी के रूप में काम कर रही है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यालय में किसी भी भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बेतिया में यह पहली बार हुआ मामला है जिसमें क्लर्क को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह घटना नागरिकों को यह संदेश देती है कि अधिकारियों की निगरानी में सार्वजनिक सेवाएं अधिक पारदर्शी और जवाबदेह होंगी।
सार्वजनिक रूप से अनलॉक की गई जमाबंदी के दस्तावेज़ों और आगे के कदमों के बारे में ग्रामीणों को सूचित किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस कदम से स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों के बीच विश्वास और मजबूत होगा।
