लाड़की बहिन योजना में 68 लाख खाते बंद
महाराष्ट्र सरकार ने लाड़की बहिन योजना के तहत 68 लाख खाते बंद कर दिए हैं जो ई-केवाईसी में असफल रहे। यह कदम राज्य सरकार द्वारा उठाया गया है ताकि योजना के दुरुपयोग को रोका जा सके। लाड़की बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा लड़कियों के लिए शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी।
इस योजना के तहत, लड़कियों को उनकी शिक्षा और आर्थिक विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। लेकिन हाल ही में, यह पता चला है कि कई लोग इस योजना का दुरुपयोग कर रहे हैं और अपने खातों में गलत जानकारी देकर वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं। इसलिए, महाराष्ट्र सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जिन खातों में ई-केवाईसी में असफल रहे हैं, उन्हें बंद कर दिया जाएगा।
ई-केवाईसी क्या है?
ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर एक प्रक्रिया है जिसमें ग्राहक की पहचान और पते की जानकारी को ऑनलाइन सत्यापित किया जाता है। यह प्रक्रिया वित्तीय संस्थानों द्वारा अपने ग्राहकों की पहचान और पते की जानकारी को सत्यापित करने के लिए की जाती है। लाड़की बहिन योजना में भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को अपनाया गया है ताकि योजना के दुरुपयोग को रोका जा सके।
लाड़की बहिन योजना के लाभ
लाड़की बहिन योजना मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में शुरू की गई योजना है, जिसके मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छात्राओं को सभी सुविधाएं और प्रोत्साहन प्रदान करना है। छात्राओं को नौवीं से आठवीं कक्षा तक 600 रुपये प्रति माह और 11वीं व 12वीं कक्षा में यह राशि 1000 रुपये प्रति माह है। यदि छात्रा स्नातक पाठ्यक्रम में है, तो उसे 15000 रुपये सालाना दिए जाते हैं। शहरी क्षेत्रों में ह¦स्थानीय निकाय द्वारा कक्षा 8 से लेकर 12वीं तक प्रत्येक छात्रा को 2500 रुपये प्रति वर्ष की सहायता प्रदान की जाती है।
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, लाड़की बहिन योजना के तहत 68 लाख खाते बंद किए गए हैं जो ई-केवाईसी में असफल रहे हैं। यह कदम योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि वे योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारिक वेबसाइट पर लाड़की बहिन योजना के बारे में जानकारी दी है। आप वहां जाकर योजना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।








