बिहार में अगले एक सप्ताह तक मौसम में बड़े बदलाव की उम्मीद कम है। रविवार, 5 अप्रैल 2026 को पटना में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और उमस का प्रभाव बना रहेगा। IMD के पटना केंद्र के निदेशक, मृत्युंजय कुमार ने बताया कि “उच्च दबाव प्रणाली के कारण हवा स्थिर रहेगी, जिससे तापमान में वृद्धि होगी।”
गर्मी और उमस का बढ़ता प्रकोप
पिछले कुछ दिनों से बिहार में गर्मी बढ़ रही है। गया जिले में शनिवार, 4 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में तापमान और भी बढ़ सकता है। खासकर, मगध क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप अधिक रहने की संभावना है। किसानों ने भी अपनी फसलों की सिंचाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। कृषि विश्वविद्यालय, पुसा के निदेशक, डॉ. आर. के. सिंह ने कहा कि “फसलों को सूखे से बचाने के लिए नियमित सिंचाई आवश्यक है।”
एक सप्ताह बाद मौसम में बदलाव की उम्मीद
हालांकि, मौसम विभाग ने एक सप्ताह बाद मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। 12 अप्रैल 2026 के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) उत्तर भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे बिहार में बादल छा सकते हैं और तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। इस विक्षोभ के कारण पटना में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। लेकिन, अभी तक यह निश्चित नहीं है कि यह विक्षोभ बिहार में कितना प्रभाव डालेगा।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
गर्मी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अतिरिक्त मुख्य स्वास्थ्य सचिव, प्रत्यय अंबेडकर ने कहा कि “लोगों को दिन के समय धूप में निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।” उन्होंने हीट स्ट्रोक (heat stroke) के लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें सिरदर्द, चक्कर आना और कमजोरी शामिल हैं। जिला अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
बिजली की खपत में वृद्धि
गर्मी बढ़ने के कारण राज्य में बिजली की खपत में भी वृद्धि हुई है। रविवार को बिहार में कुल बिजली की खपत 18,000 मेगावाट से अधिक रही, जो पिछले महीने की तुलना में 15% अधिक है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग लिमिटेड (BSPHCL) ने बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए हैं। BSPHCL के अध्यक्ष, शैलेंद्र कुमार ने कहा कि “बिजली की मांग को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।”
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या
शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की समस्या बढ़ने लगी है। कई गांवों में हैंडपंप सूख गए हैं, जिससे लोगों को पेयजल के लिए दूर जाना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने पानी की समस्या से निपटने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। जल संसाधन विभाग के मंत्री, आलोक कुमार ने कहा कि “सूखे क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए टैंकर भेजे जा रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि अगले महीने मानसून आने की उम्मीद है, जिससे पानी की समस्या कम हो सकती है।
And लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। But गर्मी से राहत पाने के लिए शाम को खुले स्थानों पर घूमना उचित है।
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