PF Interest Rate! कर मुक्त ब्याज के लिए VPF Limit विस्तार पर सरकार ले सकती है फैसला

PF Interest Rate: पिछले कई वित्तीय वर्षों से EPFO ​​8% से ज़्यादा ब्याज दे रहा है. वित्तीय वर्ष 1990 में यह 12% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. वित्तीय वर्ष 2000 तक यह लगातार 11 साल तक इसी स्तर पर रहा. फिलहाल यह 8.25 प्रतिशत है.

अगर आप भी वॉलेंटियर प्रोविडेंट फंड (VPF) के तहत निवेश करते हैं तो यह खबर आपको खुश कर देगी। इसको लेकर सरकार की तरफ से बड़ी प्लानिंग की जा रही है। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत वॉलेंटियर प्रोविडेंट फंड (VPF) में निवेश की सीमा को टैक्स फ्री ब्याज के साथ 2.5 लाख रुपये से बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल इससे ज्यादा निवेश पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय इस मामले की जांच कर रहा है।

अगले साल इस मामले को वित्त मंत्रालय के समक्ष उठाए जाने की उम्मीद है। 

उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 के बजट चर्चाओं के दौरान इस मामले को वित्त मंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा। मध्यम वर्ग में आने वाले और कम वेतन पाने वाले लोगों को जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार यह फैसला ले सकती है। सरकार की मंशा है कि वे ज्यादा से ज्यादा पैसा ईपीएफ में जमा करें ताकि भविष्य में जब वे रिटायर हों तो उनके पास पर्याप्त पैसा हो। इससे पहले सरकार ने ईपीएफ में जमा की जाने वाली रकम पर 2.5 लाख रुपये तक के निवेश को टैक्स फ्री कर दिया था। इससे ज्यादा पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना होता है।

VPF में निवेश से टैक्स लाभ

सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया था ताकि ज्यादा ब्याज वाली आय पर टैक्स लगाया जा सके। यह नियम उन लोगों के लिए था जिनकी सैलरी ज्यादा है और वे EPF में ज्यादा पैसा जमा करते हैं ताकि टैक्स बचा सकें। इसी तरह VPF में जमा की गई रकम, उस पर मिलने वाला ब्याज और उसे निकालने पर मिलने वाला पैसा। इन सब पर आपको किसी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता। यानी VPF में निवेश करने से आपको टैक्स के मामले में काफी फायदा मिलता है।

जब पीएफ के पैसे पर 12 फीसदी ब्याज दिया जाता था, तब EPFO पिछले कई वित्त वर्षों से 8 फीसदी से ज्यादा ब्याज दे रहा है। वित्त वर्ष 1990 में यह बढ़कर 12 फीसदी के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। वित्त वर्ष 2000 तक यह लगातार 11 साल तक इसी स्तर पर रहा। वित्त वर्ष 2022 के लिए ईपीएफओ की ब्याज दर 8.10 फीसदी थी। इसके बाद 2023 के लिए 8.15 फीसदी और वित्त वर्ष 2024 के लिए 8.25 फीसदी थी।

ईपीएफ में 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जमा

EPF के मौजूदा नियमों के मुताबिक, आप EPF में जितना चाहें उतना पैसा जमा कर सकते हैं। इसमें कोई सीमा नहीं है। लेकिन सरकार ने इस नियम के दुरुपयोग पर रोक लगा दी है। अब अगर आप एक साल में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा करते हैं तो आपको ब्याज पर टैक्स देना होगा।

यह नियम ऐसे लोगों के लिए बनाया गया था जिनकी सैलरी ज्यादा है और वे टैक्स से बचने के लिए EPF में ज्यादा पैसा जमा करते हैं। EPF में करोड़ों लोग पैसा जमा करते हैं और करोड़ों लोग पेंशन ले रहे हैं। EPF में कुल 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जमा है।

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