Pension Hike : 8वां वेतन आयोग लागू होने पर न्यूनतम पेंशन बढ़कर 25,740 रुपये महीना हो जाएगी…!

सरकारी कर्मचारियों को मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए सरकार महंगाई राहत (Dearness Relief) देती है। यह फिलहाल बेसिक सैलरी और पेंशन का 53 फीसदी है। यह दर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर सालाना दो बार रिवाइज्ड की जाती है 1 जनवरी और 1 जुलाई को। केंद्र सरकार के मुताबिक 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। फिर DA जीरो से शुरू किया जा सकता है।

पिछले दिनों केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग पर मुहर लगाई है। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसका लाभ 1 जनवरी 2026 यानी अगले साल से मिलेगा। 8वां वेतन आयोग लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा होगा। साथ ही, पेंशनधारकों की पेंशन में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ पेंशनभोगियों को 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद 3.5 लाख रुपये महीना पेंशन मिल सकती है। 8वें वेतन आयोग का लाभ 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा।

किस मिलेगी 3.5 लाख मासिक पेंशन?

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। इसमें रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये महीना तय की गई थी। वहीं, अधिकतम पेंशन 1,25,000 रुपये मासिक थी। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.86 करने की बात कही जा रही है। अगर यही फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम पेंशन बढ़कर 25,740 रुपये महीना हो जाएगी। इसका मतलब है कि पेंशन में 186 फीसदी का भारी इजाफा होगा। इससे बड़े पदों और रैंक से रिटायर कर्मचारियों की अधिकतम पेंशन 3,57,500 रुपये महीना तक पहुंच सकती है।

महंगाई भत्ता (DA) को जाएगा जीरो?

सरकारी कर्मचारियों को मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए सरकार महंगाई राहत (Dearness Relief) देती है। यह फिलहाल बेसिक सैलरी और पेंशन का 53 फीसदी है। यह दर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर सालाना दो बार रिवाइज्ड की जाती है, 1 जनवरी और 1 जुलाई को। अगर आप महंगाई राहत को उदाहरण से समझना चाहते हैं, तो यह काफी आसान है। मिसाल के लिए, किसी पेंशनभोगी की बेसिक पेंशन 10,000 रुपये है, तो डीआर जोड़ने के बाद 15,300 रुपये हो जाएगी।

8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद रिवाइज्ड सैलरी और पेंशन मिलने लगेगी, तो क्या महंगाई भत्ता 53 फीसदी से ही आगे बढ़ेगा या फिर इसे शून्य कर दिया जाएगा? यह काफी अहम सवाल है, जिसका जवाब लोग जानना चाहते हैं। हर बार नया वेतन आयोग लागू होने पर महंगाई भत्ता शून्य हो जाता है, क्योंकि पुराने महंगाई भत्ते को न्यूनतम बेसिक सैलरी और बेसिक पेंशन में ही शामिल कर दिया जाता है। ऐसे में नया वेतन आयोग लागू होने पर जितना भी महंगाई भत्ता रहेगा, वो जीरो हो सकता है।

कितनी बार बढ़ सकता है महंगाई भत्ता

केंद्र सरकार के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। इसका मतलब है कि अभी महंगाई भत्ते (DA) में दो बार और इजाफा हो गया, पहला जनवरी 2025 और दूसरा जुलाई 2025 में। हर बार महंगाई भत्ता अमूमन 3 फीसदी बढ़ता है। इसलिए नया वेतन आयोग लागू होने से पहले यह 59 फीसदी हो जाएगा। हालांकि, अगर किसी कारणवश 8वें आयोग को लागू करने में कुछ देरी होती है, तो सरकार 1 जनवरी 2026 के लिए भी 3 फीसदी महंगाई भत्ते का एलान कर सकती है।

इस स्थिति में महंगाई भत्ता बढ़कर 62 फीसदी हो जाएगा। हालांकि, 8वां वेतन जब भी लागू होगा, तो उस समय डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा। फिर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जीरो से डीए शुरू होगा, जिसे हर साल दो बार बढ़ाया जाएगा।

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