EPFO New Rules: अब क्लेम प्रक्रिया के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत नहीं

EPFO New Rules: देश में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सब्सक्राइबर्स की संख्या करोड़ों में है. EPFO ​​ने सब्सक्राइबर्स के लिए क्लेम प्रोसेस (EPFO Claim Process) को आसान बना दिया है. EPFO ​​ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी कर जानकारी दी कि अब क्लेम के लिए बैंक पासबुक और चेकबुक की जरूरत नहीं होगी. EPFO ​​के इस फैसले से सब्सक्राइबर्स को राहत मिली है.

EPFO ​​New Rules: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने मई में EPFO ​​के नियमों में बदलाव किया है. EPFO ​​ने कहा कि अब यूजर्स को क्लेम करते समय बैंक पासबुक या चेक लीफ की कॉपी अपलोड नहीं करनी होगी. EPFO ​​ने कहा कि अगर सब्सक्राइबर्स बाकी सभी पात्रताएं पूरी करते हैं तो उन्हें चेक बुक या पासबुक की कॉपी अपलोड करने की जरूरत नहीं है.

EPFO ​​ने क्यों लिया यह फैसला EPFO ​​ने कहा कि इससे ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट में तेजी आएगी. साथ ही सब्सक्राइबर्स को क्लेम रिक्वेस्ट देने में भी आसानी होगी. दरअसल, इससे पहले चेक बुक लीफ या बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड न करने पर ईपीएफओ के कई दावे खारिज हो रहे थे।

ईपीएफओ के सर्कुलर के मुताबिक, दावे खारिज होने की संख्या कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। चेक बुक लीफ या बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड न करने की छूट कुछ मामलों में ही दी गई है।

इन दावों के लिए नहीं देने होंगे ये दस्तावेज

ईपीएफओ के सर्कुलर के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं सदस्यों को चेक बुक लीफ या बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड नहीं करनी है जिन्होंने बाकी वैलिडेशन प्रक्रिया पूरी कर ली है।

कैसे हो सकता है क्लेम वैलिडेशन

  • ईपीएफ सदस्य बैंक केवाईसी का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर सकते हैं।
  • इसी तरह, सदस्यों को बैंक केवाईसी वेरिफिकेशन पूरा करने के लिए नियोक्ता से डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) बनवाना होगा।

बैंक की आधार डिटेल्स को यूआईडीएआई के जरिए वेरिफाई करना होगा।

EPFO New Rules: देश में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सब्सक्राइबर्स की संख्या करोड़ों में है. EPFO ​​ने सब्सक्राइबर्स के लिए क्लेम प्रोसेस (EPFO Claim Process) को आसान बना दिया है. EPFO ​​ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी कर जानकारी दी कि अब क्लेम के लिए बैंक पासबुक और चेकबुक की जरूरत नहीं होगी. EPFO ​​के इस फैसले से सब्सक्राइबर्स को राहत मिली है.

EPFO ​​New Rules: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने मई में EPFO ​​के नियमों में बदलाव किया है. EPFO ​​ने कहा कि अब यूजर्स को क्लेम करते समय बैंक पासबुक या चेक लीफ की कॉपी अपलोड नहीं करनी होगी. EPFO ​​ने कहा कि अगर सब्सक्राइबर्स बाकी सभी पात्रताएं पूरी करते हैं तो उन्हें चेक बुक या पासबुक की कॉपी अपलोड करने की जरूरत नहीं है.

EPFO ​​ने क्यों लिया यह फैसला EPFO ​​ने कहा कि इससे ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट में तेजी आएगी. साथ ही सब्सक्राइबर्स को क्लेम रिक्वेस्ट देने में भी आसानी होगी. दरअसल, इससे पहले चेक बुक लीफ या बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड न करने पर ईपीएफओ के कई दावे खारिज हो रहे थे।

ईपीएफओ के सर्कुलर के मुताबिक, दावे खारिज होने की संख्या कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। चेक बुक लीफ या बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड न करने की छूट कुछ मामलों में ही दी गई है।

इन दावों के लिए नहीं देने होंगे ये दस्तावेज

  • ईपीएफओ के सर्कुलर के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं सदस्यों को चेक बुक लीफ या बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड नहीं करनी है जिन्होंने बाकी वैलिडेशन प्रक्रिया पूरी कर ली है।
  • कैसे हो सकता है क्लेम वैलिडेशन
  • ईपीएफ सदस्य बैंक केवाईसी का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर सकते हैं।
  • इसी तरह, सदस्यों को बैंक केवाईसी वेरिफिकेशन पूरा करने के लिए नियोक्ता से डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) बनवाना होगा।
  • बैंक की आधार डिटेल्स को यूआईडीएआई के जरिए वेरिफाई करना होगा।

इसे भी पढ़े-

Railway New Facility : बड़ी खबर! दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शुरू हुई नई व्यवस्था, यात्रियों को मिलेगी ये सुविधा

7th Pay Commission : DA बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की सीमा 25% बढ़ी…जाने डिटेल्स में

PM Surya Ghar Yojna के तहत मिलेंगे Solar Panels लगवाने के लिए 78,000 रुपये? कैसे करें Apply?

 

Exit mobile version