Deputy CM Sushil Kumar Modi passes away :बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी का निधन

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी का निधन हो गया. बिहार के वरिष्ठ बीजेपी नेताओं में सुशील मोदी एक थे. वह 72 वर्ष के थे और कैंसर से पीड़ित थे.

बिहार के मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने X पर पोस्ट करके उनके निधन की जानकारी दी, साथ ही दुख भी जताया. उन्होंने लिखा कि ‘बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यसभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी जी के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि. यह बिहार भाजपा के लिए अपूरणीय क्षति है.’

खुद दी थी कैंसर होने की जानकारी

बता दें कि, सुशील मोदी को बीते छह महीने से कैंसर था. खुद को कैंसर होने की जानकारी उन्होंने अपने एक एक्स पोस्ट में 3 अप्रैल को दी थी. उनके निधन की जानकारी बिहार के मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दी. सुशील कुमार मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था. उनके पिता मोती लाल मोदी और माता का नाम रत्ना देवी था. उन्होंने पत्नी जेस्सी सुशील मोदी ईसाई धर्म से हैं और प्रोफेसर हैं. उनके दो बेटे हैं जिनमें एक का नाम उत्कर्ष तथागत और दूसरे का नाम अक्षय अमृतांक्षु है.

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पहली बार 1990 में चुने गए विधायक

सुशील कुमार मोदी ने पटना साइंस कॉलेज से बॉटनी विषय से ग्रेजुएशन किया था. वह पहली बार 1990 में बिहार विधानसभा के लिए विधायक चुने गए थे. इसके बाद 1995 और 2000 में भी विधायक चुने गए. वह लगातार तीन बार विधायक रहे.

तीन दशक लंबा राजनीतिक करियर

सुशील कुमार मोदी का तीन दशक लंबा राजनीतिक करियर रहा है. इस दौरान वह विधायक, एमएलसी, लोकसभा सांसद और राज्यसभा सांसद भी रहे. बिहार सरकार में वित्त मंत्री तक का पद संभाला. वह दो बार बिहार के डिप्टी सीएम रहे. पहली बार 2005 से 2013 तक और दूसरी बार 2017 से 2020 तक डिप्टी सीएम का पद संभाला.

छात्र राजनीति से शुरुआत, 1990 में चुने गए विधायक

सुशील मोदी उन नेताओं में शामिल रहे हैं, जो छात्र राजनीतिक से मुख्य धारा की राजनीति में आए हैं. पटना विश्वविद्यालय उनकी छात्र राजनीति की भूमि बना. 1973 में वह छात्र संघ के महासचिव चुने गए थे. 1990 में वह पहली बार पटना सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे. इसके बाद वह 1995 में भी विधायक चुने गए और तभी उन्हें बीजेपी का चीफ व्हिप बना दिया गया था. इसके बाद वह 2000 में लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए. सुशील कुमार मोदी 1996 से 2004 तक बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे.

पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुशील मोदी के निधन पर दुख जताते हुए उन्होंने श्रद्धांजलि दी है. पीएम ने उन्हें याद करते हुए एक्स पर लिखा, पार्टी में अपने मूल्यवान सहयोगी और दशकों से मेरे मित्र रहे सुशील मोदी जी के असामयिक निधन से अत्यंत दुख हुआ है. बिहार में भाजपा के उत्थान और उसकी सफलताओं के पीछे उनका अमूल्य योगदान रहा है. आपातकाल का पुरजोर विरोध करते हुए, उन्होंने छात्र राजनीति से अपनी एक अलग पहचान बनाई थी. वे बेहद मेहनती और मिलनसार विधायक के रूप में जाने जाते थे. राजनीति से जुड़े विषयों को लेकर उनकी समझ बहुत गहरी थी. उन्होंने एक प्रशासक के तौर पर भी काफी सराहनीय कार्य किए. जीएसटी पारित होने में उनकी सक्रिय भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं. ओम शांति!.

गृहमंत्री अमित शाह ने जताया दुख

सुशील मोदी के निधन की जानकारी मिलने पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दुख जताया. उन्होंने X पर पोस्ट करके उन्हें श्रद्धांजलि दी है. अमित शाह ने पोस्ट में लिखा, ‘हमारे वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी जी के निधन की सूचना से आहत हूं. आज बिहार ने राजनीति के एक महान पुरोधा को हमेशा के लिए खो दिया. ABVP से भाजपा तक सुशील जी ने संगठन व सरकार में कई महत्त्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया. उनकी राजनीति गरीबों व पिछड़ों के हितों के लिए समर्पित रही.

उनके निधन से बिहार की राजनीति में जो शून्यता उभरी है, उसे लंबे समय तक भरा नहीं जा सकता. दुःख की इस घड़ी में पूरी भाजपा उनके शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें. ॐ शांति शांति’

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