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बिहार में आंधी‑बारिश का डबल अलर्ट: 30 जिलों में 60 किमी/घं. की हवाएँ और वज्रपात का ख़तरा

भारत मौसम इन्स्टिट्यूट ने बिहार के 30 जिलों में 60 किमी/घं. की हवा और तेज़ बारिश के डबल अलर्ट जारी किये। पटना, गया, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में “काली जागृति” के रूप में चेतावनी, आपातकालीन प्रबंधन को तैयार रहने का निर्देश।

मौसम विभाग ने 16 जून 2026 को बिहार के 30 जिलों में आंधी‑बारिश के डबल अलर्ट जारी किये। 60 किमी/घं. से तेज़ हवाएँ व वज्रपात के ख़तरे से नागरिकों को सतर्क रहने को कहा।

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मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जून 2026 को बिहार के 30 जिलों में आंधी‑बारिश के डबल अलर्ट जारी किये। अलर्ट में 60 किमी/घं. की तेज़ हवाएँ व साथ ही वज्रपात एवं भारी बारिश के ख़तरे का जिक्र है। दिल्ली‑भारत विज्ञान विभाग के अनुसार, ऐसे डबल अलर्ट “अत्यधिक जोखिम” वाली स्थिति को दर्शाते हैं।

अलर्ट में शामिल जिलों की सूची इस प्रकार है: पटना, गया, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, अररिया, सहरसा, अंगर, सून्दा, सहरसा, वाराणसी, रौड, राजसागर, मन्ज़ारी, आदि। प्रत्येक जिले के लिए हवाओं की गति 60 किमी/घं. और ऊपर बताई गयी स्थितियों के लिए चेतावनियाँ जारी की गईं।

पिछले 24 घंटों में बिहार में लगातार आंधी‑बारिश के अलर्ट के बाद, IMD ने यह डबल अलर्ट जारी किया। 15 जून को जारी किए गए डबल अलर्ट में 50 किमी/घं. की हवाएँ व आंधी-तूफान के साथ-साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। अब 60 किमी/घं. की बढ़ी हुई रफ्तार के साथ चेतावनी दोहरी हो गई है।

इस अलर्ट का मुख्य उद्दीपन वज्रपात की बढ़ती संभावनाएँ हैं। वज्रपात के दौरान, बिजली के झटके तथा तेज़ आंधी के कारण आवासीय, कृषि व पायाभूत संरचना को नुकसान का जोखिम बढ़ जाता है। IMD ने लोगों को घरों के अंदर रहने, खिड़कियों व खटमलों को सुरक्षित करने और बिजली कटौती के लिए तैयार रहने की सलाह दी।

अलर्ट में दिया गया समय उल्लेख करता है कि यह चेतावनी 18 जून 2026 तक जारी रहेगी। इन्स्टिट्यूट ने बताया कि मौसम के गति में बदलाव के अनुसार अलर्ट की अवधि में समायोजन किया जा सकता है। आगामी 24 घंटों में भी राज्य के अधिकांश भाग में “काली जागृति” की स्थिति बनी रहेगी।

इन्स्टिट्यूट के अनुसार, पटना में आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं। 16 जून के पूर्वानुमान के मुताबिक, पटना में वायुमंडलीय दाब कम होने के कारण सड़कें गीली तथा भारी बारिश के कारण धारा में होने की संभावना है। यातायात व रेल मार्गों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

गया में परिपक्व क्षेत्रों में खेतों को पानी के कुंडों से भरने का संभावित खतरा है। रॉयल के अनुसार, किसान वर्ग को मिट्टी के कटाव व फसलों पर आंधी-बारिश के प्रभाव से बचने के लिए तटस्थ अवस्था अपनानी पड़ेगी।

सभी ज़िलेवासी सूचनाओं के लिए अपने मोबाइल पर IMD द्वारा भेजे जाने वाले वार्निंग मेसेज पर निर्भर रह सकते हैं। अब तक IMD द्वारा भेजे गए मोबाइल वार्निंग में 60 किमी/घं. की हवा और संबंधित चेतावनियों का विवरण दिया गया है।

आधिकारिक प्राधिकरणों ने योजना बनाई है कि इमरजेंसी सपोर्ट टीम्स, जल निकासी प्रणालियाँ व सड़क सुरक्षा संयंत्रों को अपनी तैयारियाँ शुरू करनी चाहिए। यदि आंधी-बारिश के दौरान कोई दुर्घटना होती है तो तत्काल “1343” नंबर पर रिपोर्टिंग करनी है।

अलर्ट जारी करने के पीछे एक प्रमुख कारण वायु दाब की तेज़ गिरावट और मानसून के समय और भी तीव्र होने की पूर्वानुमान है। विशेषकर, 15 वें दिन से अगले 48 घंटों में ठंडाकारी व बारिश के कारण ठंडा होने के साथ वायुमंडलीय दाब घट जाता है।

इस इंटर्नल अलर्ट के बाद, राज्य सरकार ने “किसानों के लिए सूचना व चेतावनी” अभियान चलाने का प्रावधान किया है। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को समय रहते सूचित करने और फसल क्षति से बचाव करना है।

कुल मिलाकर, 16 जून 2026 को बिहार के लगभग आधे क्षेत्र में आंधी‑बारिश के डबल अलर्ट के कारण नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की जाती है। इतनी तेज़ हवाएँ व हार्ड बारिश के साथ वज्रपात के खतरे से आपदा प्रबंधन को तैयारी करनी चाहिए।

Source: https://www.prabhatkhabar.com/topic/bihar-weather

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