मौसम के बदलते मिजाज का प्रभाव
25 मार्च 2026 को पटना में मौसम विभाग ने बताया कि मौसम के बदलते मिजाज का किसानों पर प्रभाव पड़ रहा है। डॉ. आरएस शर्मा, कृषि विभाग के निदेशक ने कहा कि “किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सलाह दी जा रही है, जैसे कि फसलों को पानी देने के लिए सिंचाई का उपयोग करना और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करना होगा।”
किसानों को दी जा रही सलाह
किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से अपने खेतों की जांच करें और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करें। इसके अलावा, किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों को पानी देने के लिए सिंचाई का उपयोग करें और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले रोगों को नियंत्रित करने के लिए रोगनाशकों का उपयोग करें।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में मौसम के बदलते मिजाज का प्रभाव पड़ सकता है, ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए तैयार रहना होगा। मौसम विभाग के अनुसार, 28 मार्च 2026 को पटना में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
कृषि विभाग की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से अपने खेतों की जांच करें और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करें। इसके अलावा, किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों को पानी देने के लिए सिंचाई का उपयोग करें और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले रोगों को नियंत्रित करने के लिए रोगनाशकों का उपयोग करें।
किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से अपने खेतों की जांच करनी होगी और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करना होगा। इसके अलावा, किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों को पानी देने के लिए सिंचाई का उपयोग करें और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले रोगों को नियंत्रित करने के लिए रोगनाशकों का उपयोग करें।
इस प्रकार, मौसम के बदलते मिजाज का किसानों पर प्रभाव पड़ रहा है, ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सलाह दी जा रही है। किसानों को नियमित रूप से अपने खेतों की जांच करनी होगी और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करना होगा।
