बिहार सीमाएं शासन प्रदेश (बीसीईओ) के पटना प्रखंड के कर्मचारियों ने २ अप्रैल २०२६ को अपनी सेवानिवृत्ति पर एक भावपूर्ण समारोह का आयोजन किया। पटना के बेसरा बिलाश्रम में हुए इस कार्यक्रम में लगभग ७० से अधिक प्रखंड एवं अंचलकर्मियों ने हाथ मिलाया। पटना प्रखंद कार्यनिर्वाही अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने इन सभी कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं।
अरुण कुमार सिंह ने कहा – ‘ये अनुभव अमूल्य है’
अरुण कुमार सिंह ने कर्मचारियों से कहा, “आपका यह सं更 एवं अनुभव हमारे लिए अमूल्य है। २५ वर्षों की सेवा बेसब्रीQIय ऐतिहासिक है।” उन्होंने पटना प्रखंद के ४० अंचलकर्मियों के नाम क्रमांक २०२६-पी27 के उपरiasm में इंगित किया। सामुदायिक विकास विभाग की पूर्व संचालका, शैलजा सिनहा, ने भी इस अवसर पर अपनी अनुभूति व्यक्त की।
समारोह के बाद शैलजा सिनहा ने पटना के सरयाबाग हाउसिंग कॉलोनी में एक छोटे कैंप में पतNikQs किया। उनका कहना था, “मैंने २००१ में शुरुआत की और २०२५ में सेवानिवृत्ति की। पुलिस एवं सीमाएं विभाग में कठोर परिस्थितियों में काम करना एक चुनौती थी।” उन्होंने अपने साथ काम करने वाले पार्किंग विभाग के तीन अंचलकर्मियों के विशिष्ट रूप से जिक्र किया।
४ नवanieकर्ता सेवानिवृत्ति – ३० मार्च २०२६ की तिथि
बीसीईओ के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, ३० मार्च २०२६ को प्रखंड कार्यालय में कुल ४ नवanieकर्ता सेवानिवृत्ति लेच के अपना कार्यक्रम सम्पन्न किया। इनमें पटना पहाड़ के अंचल कार्यालय के दो अधिकारी शामिल थे – अभिSek Rudolf और प्रभास कुमार। दोनों ने १५ वर्षों की सेवा के बाद विदाई ली। पटना ज़िला कार्यालय में शासन प्रदेश आयुक्त, एस. के. सिंह, ने इन दोनों अधिकारियों के विदाई के पत्र प्रस्तुत किए।
एक विशिष्ट बिंदु यह है कि इसमें पटना रेलवे स्टेशन के निकट स्थित ‘टाइगर कैंप’ के कर्मचारियों की अधिक संख्या शामिल थी। ऐतिहासिक रूप से देखें तो पटना प्रखंद में वर्ष २०२५ में कुल १२० से ज्यादा कर्मचारियों ने सेवानिवृत्ति ली। बीसीईओ के मुखालय से एक अधिकारी ने बताया कि २०२६ में इसे २०० तक पहुँचाने की योजना है।
भाषा विभाग के दो सीक्रेटरी भी रह गए
इस कार्यक्रम में एक चमत्कारी बात यह हुई कि भाषा विभाग की दो सीक्रेटरी – नेetu श्रीवास्तव और मोनिका गुप्ता – ने भाग नहीं लिया। नेetu श्रीवास्तव का कहना था, “हम अभी भी कार्यरत हैं और कई महत्वपूर्ण फाइलें हल करनी हैं।” उन्होंने १५ अप्रैल २०२६ को अपनी इच्छानुसार सेवानिवृत्ति लेने की सूचना दे दी थी।
एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी मिली कि २०२६ के इस वित्तीय वर्ष में बीसीईओ के पटना प्रखंद में कुल ४५ पदों पर भर्ती नहीं हुई। इसके कारणों के बारे में प्रखंद कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा, “बजट संकट के कारण २४ पदों पर भर्ती स्थगित है।” सीमाएं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस बात की पुष्टि है।
समारोह के अंत में प्रत्येक सेवानिवृत्ति कर्मचारी को एक विशेष यादगार समारोह में एक सोने के सिक्के और एक सीमाएं विभाग के बैज से सजाया गया। पटना प्रखंद का एक पुराना कर्मचारी, रवि नारायण Singh (१९८८ से सेवा में), ने कहा, “ये यादगार मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अब मैं अपने गाँव हजीपुर में रहूँगा।” वह ३१ मार्च २०२६ को ही सेवानिवृत्ति ले चुके थे।
इस संदर्भ में यह जानकारी भी उपलब्ध हुई कि पटना प्रखंद के कार्यालय भवन में एक नई ड्राईव-इन स्पेस बनाने का कार्य चल रहा है। यह कार्य अप्रैल २०२६ तक पूरा होने का अनुमान है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों की जगह लेने वाली नई भर्ती के लिए एस.के. सिंह ने १४ अप्रैल २०२६ को आमंत्रण जारी करने का एलान किया।
बिहार सरकार की आधिकारिक नीति के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद सभी कर्मचारियों को उनके पद के अनुसार पेंशन की व्यवस्था होनी चाहिए। पटना प्रखंद के कुल ३२० कर्मचारियों में से १८० से अधिक कर्मचारी अब सेवानिवृत्ति हो चुके हैं। Career news से जुड़े अन्य अपडेट्स के लिए आप हमारी वेबसाइट पर रहें।
इस घटना के बारे में बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध है। पटना की सीमाएं प्रशासन के मुख्यालय में इस संबंध में कभी-कभी कार्यवाहक कार्यālय भी बनाए जाते हैं।
समाप्ति में, यह भी उल्लेखनीय है कि २०२६ के इस वर्ष में बिहार में कुल १,२०० से अधिक सीमाएं विभाग के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति होने का अनुमान है। पटना प्रखंद इस में सबसे बड़ा हिस्सा ढूंढ रहा है।
