पटना, बिहार – बिहार पुलिस में आज एक बड़ा बदलाव हुआ है। SDPO (सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर) गौतम कुमार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद मंगलेश सिंह को नया SDPO नियुक्त किया गया है।
छापेमारी में खुलासा: SDPO गौतम कुमार की संपत्ति
पिछले हफ्ते, सतर्कता विभाग ने SDPO गौतम कुमार के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान, अधिकारियों को उनकी घोषित आय से काफी अधिक संपत्ति मिली। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी में ₹2.5 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति का पता चला है, जिसमें पटना और मुजफ्फरपुर में कई प्लॉट और फ्लैट शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offences Unit – EOU) द्वारा की जा रही है। EOU ने गौतम कुमार के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच शुरू कर दी है।
मंगलेश सिंह को मिली नई जिम्मेदारी
गौतम कुमार को हटाने के बाद, बिहार सरकार ने मंगलेश सिंह को नया SDPO नियुक्त किया है। मंगलेश सिंह इससे पहले भागलपुर जिले में एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाने में अपनी भूमिका निभाई है।
पुलिस मुख्यालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंगलेश सिंह को तत्काल प्रभाव से SDPO के पद पर नियुक्त किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि वे नए पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कानून व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
जांच में सहयोग न करने का आरोप
सूत्रों का कहना है कि SDPO गौतम कुमार पर जांच में सहयोग न करने का भी आरोप है। सतर्कता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने संपत्ति के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस वजह से, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
“हमने गौतम कुमार को कई बार संपत्ति के स्रोत के बारे में जानकारी देने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया,” एक EOU अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया। “इसलिए, हमने उन्हें पद से हटाने और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का फैसला किया।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस कार्रवाई को ‘देर से आई कार्रवाई’ बताया है और सरकार पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का दबाव बनाया है। RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, “यह कार्रवाई तो बस दिखावा है। सरकार को असली दोषियों को पकड़ना चाहिए।”
वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है और कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई जारी रहेगी। जद(यू) नेता अजय कुशवाहा ने कहा, “सरकार किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को बख्शेगी नहीं।”
यह मामला बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर एक महत्वपूर्ण घटना है। आगे की जांच में कई और खुलासे होने की संभावना है। अधिक जानकारी के लिए, आप बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं।
भविष्य की कार्रवाई
EOU अब गौतम कुमार की संपत्ति की विस्तृत जांच कर रही है। इसमें उनकी संपत्ति के कागजात, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच शामिल है। EOU जल्द ही गौतम कुमार को पूछताछ के लिए बुला सकती है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी के लिए, आप बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देख सकते हैं।
यह खबर 2 अप्रैल 2026 को सुबह 3:58 बजे अपडेट की गई थी।
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