बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है, जिसमें एचडीएफसी बैंक को साइबर फ्रॉड पीड़ित एक पुणे स्थित व्यवसायी के खाते में 38.04 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है।
न्यायालय ने कहा कि साइबर फ्रॉड में ग्राहक की कोई लापरवाही नहीं थी, क्योंकि फ्रॉडsters ने सिम स्वैपिंग/क्लोनिंग मोड का उपयोग किया था। न्यायालय ने यह भी कहा कि बैंक ने ग्राहक को एसएमएस अलर्ट भेजने का दावा किया था, लेकिन ग्राहक ने कोई अलर्ट नहीं प्राप्त किया था।
न्यायालय ने यह भी कहा कि फ्रॉडsters ने ग्राहक के खाते में तीन अज्ञात व्यक्तियों को बेनिफिशियरी के रूप में जोड़ दिया था और ग्राहक को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। न्यायालय ने कहा कि ग्राहक ने बैंक को तुरंत सूचित किया था और उसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
न्यायालय ने यह भी कहा कि बैंक ने ग्राहक को_zero लायबिलिटी_ के प्रावधान के तहत लाभ देने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन न्यायालय ने कहा कि ग्राहक को यह लाभ मिलना चाहिए, क्योंकि उसने साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट तत्काल पुलिस और बैंक को दी थी।
