उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियाँ: 21‑दिन का प्रशिक्षण चालू
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के तहत 21‑दिन का विशेष प्रशिक्षण चल रहा है। डीजीपी कैलाश मकवाना की निगरानी में सेवानिवृत्त अधिकारियों ने फोर्स को मार्गदर्शन दिया।
सुरक्षा, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और स्नान क्षेत्र की व्यवस्था के लिए उज्जैन की फोर्स को 21‑दिन का प्रशिक्षण दि.जि.पी. कैलाश मकवाना के आदेश पर दिया जा रहा है। 2004‑इजी और 2016‑एसपी सेवानिवृत्त अधिकारियों ने फोर्स को विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
सिंहस्थ 2028, उज्जैन, बिहार, सुरक्षा प्रशिक्षण, पुलिस फोर्स, सी.पी. रूट, मेला क्षेत्र, सड़क चौड़ाई, स्नान घाट, बिबा
उज्जैन की फोर्स को सिंहस्थ 2028 के लिए 21‑दिन का प्रशिक्षण दि.जि.पी. कैलाश मकवाना के निर्देश पर शुरू किया गया है।
इस प्रशिक्षण का पहला दिन शुक्रवार को हुआ, जिसमें 2004 में उज्जैन के इजी रही सेवानिवृत्त डीजी सरबजीत सिंह और 2016 में एसपी रही सेवानिवृत्त डीआईजी मनोहर वर्मा ने फोर्स को मेला क्षेत्र की बारीकी से परिचित कराया।
सिख्षार्थी अधिकारियों ने पथ, शैव, वैष्णव, उदासीन, पंचायती, बड़ा उदासीन और सभी अखाड़ों के स्नान मार्गों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
स्नान के लिये समय प्रबंधन के साथ-साथ घाट निर्माण की योजना भी समझाई गई, ताकि लगभग 20‑30 करोड़ लोगों के आने पर भी व्यवस्था बनी रहे।
सभी 29 किमी के क्षेत्र में पर्याप्त स्नान घाट बनाये गये हैं, जिससे पूर्व सिंहस्थ की तुलना में आवागमन में श्रद्धालुओं को आसानी होगी।
शहर की चौड़ीकरण कार्य जारी है; अधिकारियों का कहना है कि इससे सड़कें काफी विस्तृत होंगी और बाधा रहित यातायात संभव होगा।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को मेला क्षेत्र के सभी जटिल हिस्सों, जैसे कि पूजा रूट, निगरानी बिंदु और आपातकालीन प्रबंधन के बारे में भी जागरूक किया गया।
यह पहल सिंहस्थ 2028 के दौरान सुरक्षा और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
