आज 3 अप्रैल 2026 को, आयुष्मान भारत योजना के तहत, जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले में स्थित गोवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर का बड़ा अपग्रेड शुरू हुआ। नए ऑपरेशन टीले (OT) और आईसीयू सेटअप की स्थापना इस अब्सर्ब में हुई। यह अपग्रेड मूल रूप से 10 अप्रैल 2026 को पूरा होने वाला है।
राजौरी जीएमसी में नए ऑपरेशन टीले और आईसीयू
इस अपग्रेड के तहत जीएमसी राजौरी में कुल 3 नए अ OPERATION टीले और 1 आईसीयू (क्रिटिकल कयर यूनिट) सेटअप किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत इसमें 12 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 मार्च 2026 को इस प्रोजेक्ट का अनुमोदन दिया था। इन नई सुविधाओं से हर साल लगभग 5,000 से अधिक रोगियों का इलाज संभव होगा।
लेकिन यह अपग्रेड केवल राजौरी तक ही सीमित नहीं रहेगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत बिहार के कई जिलों के प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) और कमजोर सेक्टर हस्पतालों को भी नए उपकरण दिए जा रहे हैं। पटना के पंकज सिंह यadav ने बताया कि बिहार में 1,200 से ज़्यादा पीएचसी में एमआरआई मशीन लगाई जा रही हैं।
बिहार में आयुष्मान भारत की प्रगति
बिihar के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के तहत बिहार में तकरीबन 4,800 गांवों को हाई-टेक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल चुकी हैं। 2023-24 तक कुल 5,000 करोड़ रुपये की मचलबी बिहार में खर्च हो चुकी है। पटना मेडिकल कॉलेज और हजारीबाग हस्पताल में भी अपग्रेड हुए हैं।
राजौरी जीएमसी के अपग्रेड का कार्य 15 दिन से ज़्यादा समय लेगा। इस दौरान अस्पताल का कार्यभार कुछ हद तक प्रभावित होगा। मरीजों को आरामदायक कमरे में रखा जाएगा। इसमें 200 बeds ऐडेशनल र奈何 जुड़े हैं।
यह अपग्रेड बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्रियान्वयन होगा। बनारसी के डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों के लिए प्यारे पैमाने की देखभाल सक्षम बनाया है। इससे बिहार के हजारों गांवों में तेज़ इलाज की व्यवस्था होगी।
एक्सटर्नल लिंक्स और अंतिम प्रभाव
बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग आधिकारिक पेज पर आयुष्मान भारत योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहा है। यह अपग्रेड बिहार में बेहतर स्वास्थ्य पृष्ठभूमि की रूपरेखा तैयार करेगा।
आयुष्मान भारत योजना के तहत राजौरी और बिहार के संदर्भ में यह अपग्रेड महत्वपूर्ण है। यह सरकार की गारंटी है कि गरीबों को मुफ्त में उच्च स्तर का इलाज मिलेगा। यह योजना हर मedicl कॉलेज को नए तकनीकी ढंग से लैस करेगी।
