Bihar Board Exam 2025 : बिहार बोर्ड का नया फरमान, 2025 में ऐसे छात्र नहीं दे पाएंगे 10वीं 12वीं की परीक्षा, पढ़ें पूरी डिटेल

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने घोषणा की है कि 2025 से 10वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक अहम सूचना है. इसके लिए छात्रों को रोजाना स्कूल में उपस्थित होना होगा. बोर्ड परीक्षा को लेक बीएसईबी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है.

Bihar Board Exam 2025: बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने घोषणा की है कि 2025 से 10वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों के लिए कुल 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है. जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी उन्हें मैट्रिक में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. बोर्ड अध्यक्ष किशोर ने कहा है कि बीएसईबी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. इसकी जानकारी स्कूलों को पहले ही दे दी जाएगी.

छात्रों को करना होगा नियम का पालन

बिहार बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए उपस्थिति नियमों की भी घोषणा की है. इसके तहत, बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी है. इस नियम के अनुसार, जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत नहीं होगी, उन्हें अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की नहीं दी जाएगी. बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (बीएसईबी) ने पहले स्पष्ट किया था कि यह 75 प्रतिशत की आवश्यकता संयुक्त नहीं है और छात्रों को प्रत्येक कक्षा में नियम का पालन करना होगा.

कैसे मापा जाएगा उपस्थिति

इसके लिए बोर्ड की ओर से एक ऐप तैयार किया जा रहा है. ऐप के जरिए छात्रों की उपस्थिति का डेटा मापा जाएगा. इस पर प्रधानाध्यापकों द्वारा उपस्थिति जोड़ी जायेगी. यह डेटा हर महीने आगे भेजा जाएगा ताकि सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी हो सके. उपस्थिति में कोई छूट नहीं होगी.

किन्हें मिलेगी छूट

बिहार बोर्ड ने पहले अधिसूचित किया है कि 60 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले उम्मीदवारों को केवल असाधारण मामलों में परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी. जिनके पास चिकित्सीय आधार हैं या गंभीर बीमारियों के मामले हैं जिनके लिए लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता है, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी. बोर्ड ने कहा था कि 15 फीसदी तक की कमी को माफ किया जा सकता है.

बिहार में दुर्गा पूजा में कितने दिनों की छुट्टियां

बीएसईबी ने सरकारी स्कूलों में त्योहारी छुट्टियों की संख्या भी 23 से घटाकर 11 कर दी है. स्कूलों को कुल 220 कार्य दिवसों का पालन करना होगा. बिहार शिक्षा विभाग के प्रमुख केके पाठक ने इस साल के लिए रक्षा बंधन, हरितालिका व्रत तीज, विश्वकर्मा पूजा, जन्माष्टमी, भाई दूज और गुरु नानक जयंती सहित कई स्कूल की छुट्टियां रद्द कर दीं. पहले दुर्गा पूजा के दौरान स्कूल छह दिन बंद रहते थे, जिसे अब घटाकर तीन दिन कर दिया गया है.

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