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शपथ ग्रहण से पहले हलचल तेज! नीतीश कुमार की कैबिनेट बैठक, गांधी मैदान आमजनों के लिए बंद

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शपथ ग्रहण से पहले हलचल तेज! नीतीश कुमार की कैबिनेट बैठक, गांधी मैदान आमजनों के लिए बंद

बिहार चुनाव के परिणाम घोषित होने के 48 घंटे बाद निर्वाचन आयोग ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को नवनिर्वाचित विधायकों की सूची सौंपी और राज्य में आदर्श आचार संहिता खत्म होने की घोषणा की. पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद एनडीए में सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है और दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है.

बिहार चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नई सरकार के गठन की तैयारियां जोरों पर हैं. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है. एनडीए में शामिल दलों के बीच सरकार गठन और मंत्रिमंडल को लेकर दिल्ली और पटना में बैठकों का दौर जारी है. इसी क्रम में निर्वाचन आयोग की टीम ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को नवनिर्वाचित विधायकों की पूरी सूची सौंप दी है और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की औपचारिक रूप से घोषणा कर दी है.

बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल और भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अरविन्द आनंद ने अपनी पूरी टीम के साथ राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को यह महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपा. इसके साथ ही राज्य में 6 अक्टूबर से लागू आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) आज शाम 5 बजे से निष्प्रभावी हो गई. आदर्श आचार संहिता हटने से अब सरकारी विज्ञापन, नई योजनाओं की घोषणा और अधिकारियों के तबादले फिर से शुरू हो सकेंगे. चुनाव के दौरान रोकी गई कई परियोजनाएं अब गति पकड़ेंगी.

सीएम नीतीश ने कल बुलाई कैबिनेट बैठक

एनडीए के पास बहुमत होने से नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार का गठन निर्विवाद रूप से होगा, हालांकि मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों की भागीदारी और विभागों के बंटवारे को लेकर दिल्ली में गहन मंत्रणा चल रही है. इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल सुबह 11:30 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है. इस बैठक में मंत्रिमंडल भंग करने के फैसले पर मुहर लगेगी. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन जाएंगे और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी. पटना के गांधी मैदान में ही नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा. पीएम मोदी भी शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे.

पटना गांधी मैदान 17 से 20 नवंबर तक बंद

पटना जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और शपथ ग्रहण की तैयारियों के लिए 17 से 20 नवंबर तक गांधी मैदान को आम लोगों के लिए बंद कर दिया है. इससे यह निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि 17 से 20 नवंबर के बीच किसी भी दिन नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है. इससे पहले बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीएम हाउस में मुलाकात की. इसके बाद जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने सीएम के साथ 3 घंटे लंबी बैठक की.

मीडिया से बातचीत में संजय झा ने सरकार गठन की प्रगति पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, ‘बिहार की जनता ने एनडीए को स्पष्ट जनादेश दिया है. सरकार गठन को लेकर बातचीत चल रही है. दिल्ली में हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व और सहयोगी दलों के साथ चर्चा हो रही है. जल्द ही सब कुछ सामने आ जाएगा. हमने चुनाव से पहले जो वादे किए थे– विकास, रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, बिजली-पानी की निरंतर आपूर्ति– उन्हें सरकार बनते ही पूरा करना प्राथमिकता होगी.’ संजय झा ने विपक्ष खासकर राजद में चल रहे आंतरिक घमासान पर भी टिप्पणी की. लालू परिवार में टिकट वितरण, हार की जिम्मेदारी और नेताओं के बयानों को लेकर मचे बवाल पर उन्होंने कहा, ‘हम लोग कभी किसी के परिवार के अंदरूनी मामलों में टिप्पणी नहीं करते. लेकिन जो बातें सामने आ रही हैं ये सब बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.’

चुनावी हार पर RJD में मची सिर फुटौव्वल

बता दें कि बिहार चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन किया. जदयू, भाजपा, एलजेपीआर, हम और आरएलएम ने मिलकर 243 में से 202 सीटें जीतीं. वहीं महागठबंधन में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन सिर्फ 25 सीटें जीत सकी. कांग्रेस 6, वामदल 3 और आईआईपी सिर्फ 1 सीट जीत सकी. हार के बाद राजद में बगावत के सुर सामने आने लगे हैं. लालू परिवार में ही कलह मच गई है. उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव, उनके सलाहकार संजय यादव और रमीज को राजद की हार का जिम्मेदार बताया है. दूसरी ओर, एनडीए में सब कुछ व्यवस्थित दिख रहा है. दिल्ली में अमित शाह, जेपी नड्डा का जदयू और अन्य सहयोगी दलों के नेतृत्व के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में जदयू और भाजपा के बीच 50-50 फॉर्मूला या पिछले समीकरणों पर सहमति बन सकती है. चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा भी मंत्रिमंडल में उचित हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं.

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